धारा 307 आई. पी. सी. (हत्या करने के प्रयास लिए दण्ड)

0
97

भारतीय दंड संहिता की कुछ धाराएं तो ऐसी हैं, जिनके बारे में हम अपने दैनिक जीवन की अपने आस पास के लोगो से सुनते ही रहते हैं, और ये धाराएं समाचार पत्रों और मीडिया में भी काफी प्रचलित रहती हैं। उनमें से ही एक है, भारीतय दंड संहिता, 1860 की धारा 307 इसमें एक आरोपी को किसी व्यक्ति की हत्या करने के प्रयास के लिए सजा का प्रावधान दिया गया है। यह भारतीय दंड संहिता यानि आई. पी. सी. की एक बहुत ही प्रचलित धारा है, फिर भी काफी लोगों को इस धारा के बारे में अधिक जानकारी नहीं है, तो आइये समझते हैं, भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 307 को।

इस धारा के प्रावधानों के अनुसार जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति की हत्या करने की कोशिश करता है, और किसी भी कारण से वह उस व्यक्ति की हत्या करने में नाकाम रह जाता है, तो ऐसा अपराध करने वाले व्यक्ति को आई. पी. सी. की धारा 307 के तहत सजा का प्रावधान दिया गया है। यदि एक व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की हत्या कर देता है, तो भारतीय दंड संहिता की इस धारा का प्रयोग नहीं किया जा सकता है, क्योंकि यह धारा केवल हत्या करने के प्रयास से ही मतलब रखती है। इसके स्थान पर यदि एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति की हत्या कर देता है, केवल तब ही ऐसी स्तिथि में उस व्यक्ति पर उसके द्वारा किये गए जुर्म के अनुसार भारतीय दंड संहिता की धारा 302 या धारा 304 का प्रयोग किया जा सकता है।

यदि और भी आसान लफ्जों में इस धारा के प्रावधानों की बात की जाये तो यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य व्यक्ति की हत्या की कोशिश करता है, लेकिन जिस शख्स पर हमला किया गया है, उसकी जान नहीं जाती तो इस तरह के मामले में हमला करने वाले शख्स पर धारा 307 के अनुसार मुकदमा चलाया जाता है।

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें