थाना पर तैनात दरोगा को सांस लेने में दिक्कत, आ रही थी खांसी ,इलाज के दौरान हुई मौत

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जौनपुर। सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात सीनियर उपनिरीक्षक रामानंद की उपचार के दौरान वाराणसी के एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। बीते चार दिनों से उनको सांस लेने में दिक्कत व खांसी से पीड़ित थे। जानकारी के अनुसार सुरेरी थाने पर तीन वर्षों से तैनात दारोगा रामानंद को बीते चार दिन से सांस लेने में दिक्कत व खांसी की समस्‍या थी। सोमवार की सुबह अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और अचेत हो गए। जैसे ही दरोगा की तबीयत बिगड़ने की सूचना पुलिसकर्मियों को लगी तो आनन- फानन 108 नंबर एंबुलेंस पर फोन पर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर ले गए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिए। वहींं गंभीर स्थिति को देख जिला अस्पताल से भी डॉक्टरों ने वाराणसी के बीएचयू उपचार के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी के चितईपुर में स्थित सनराइज हॉस्पिटल में उनका उपचार शुरू हुआ जहां हालत में कोई सुधार नहीं होने के बाद सोमवार को ही देर रात्रि लगभग 11:30 बजे उपचार के दौरान दरोगा की मौत हो गई। जैसे ही मौत की सूचना थानाध्यक्ष सुरेरी मुन्ना लाल धुसिया व अन्य पुलिस कर्मियों को हुई तो थाने में भी अफरा-तफरी मच गई। 48 वर्षीय दरोगा रामानंद मूल रूप से गोरखपुर जनपद के सिकरीगंज थाने के उसरेन गांव के निवासी थे। मृतक दरोगा की पत्नी सुशीला अपने एक 16 वर्षीय पुत्र अभिषेक व दो पुत्री 25 वर्षीय पूर्णिमा, 20 वर्ष की प्रतिमा के साथ वाराणसी में ही रहती थी। मौत के एक दिन बाद कोरोना जांच रिपोर्ट आई निगेटिव सुरेरी थाने पर तैनात दाारोगा की तबीयत खराब होने के दौरान जिला अस्पताल पर बीते सोमवार को कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था। उनके मौत के एक दिन बाद रिपोर्ट मंगलवार को निगेटिव आनेे से क्षेत्रीय लोगों में हो रही तरह -तरह की चर्चा रुक गया

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