सेक्टर 74 में बनाये जा रहे कूड़ेघर का हो रहा चौतरफा विरोध, सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग

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फरीदाबाद – नगर निगम के अस्थाई डंपिंग सेंटर बनाने के विरोध में बीते तीन दिन से गांव मिर्जापुर में धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है। यह प्रदर्शन और पंचायत को भी सोशल साइटों पर जगह मिली है। फेसबुक पर यूजर ने इस आंदोलन को टैग किया है। फेसबुक और व्हाट्सअप पर यूजर लिखते हैं कि नगर निगम का यह निर्णय गलत है। यहां कूड़ा नहीं डालने दिया जाएगा। यूजर इसके विरोध में सड़कों पर भी उतरने के लिए तैयार हैं।

यूजर इस संबंध में लोगों को कूड़ा डंपिंग के विरोध करने के बारे में जागरूक भी कर रहे हैं। यूजर रेनू खट्टर ने व्हाट्सअप के कई ग्रुप में मास्क लगाए एक तस्वीर पोस्ट की है, जिसका कैप्शन लिखा है कि नहरपार के लोगों को कोरोना के बाद भी इसी प्रकार मास्क के साथ जीना पड़ेगा। डंपिंग सेंटर के कारण पूरे इलाके में बदबू फैली रहेगी। इससे या तो फरीदाबाद छोड़ना पड़ेगा या फिर मास्क लगाकर जीना पड़ेगा।

फेसबुक और व्हाट्सएप पर कर रहे विरोध

सेक्टर-74 में बनाए जा रहे डंपिंग सेंटर का विरोध फेसबुक और व्हाट्सएप अधिक किया जा रहा है। यूजर अपने फेसबुक पेज पर इसके विरोध की तस्वीर अपलोड कर रहे हैं। यूजर जसवंत पंवार ने गांव मिर्जापुर में इस डंपिंग साइट के विरोध में हुई पंचायत की तस्वीर अपलोड की है। यूजर अमित ने लिखा कि किसी भी सूरत में गांव और सेक्टरों की आबोहवा खराब नहीं होने देंगे। फरीदाबाद के लगभग सभी व्हाट्सएप ग्रुप में इसका विरोध किया जा रहा है।

कई पार्षदों ने भी किया विरोध

सोशल साइट पर कई पार्षदों ने भी इस डंपिंग साइट का विरोध किया। फेसबुक पर पार्षद दीपक चौधरी और दीपक यादव ने लिखा कि इस जगह पर कूड़ा डाला गया तो हजारों लोग परेशान होंगे। नगर निगम का यह निर्णय गलत है। एक यूजर दीपक ने लिखा कि इस डंपिंग साइट से इलाके में भूजल खराब हो जाएगा और फरीदाबाद में पेयजल संकट होगा।

प्रतिदिन करीब 800 टन कूड़ा निकलता है

स्मार्ट सिटी फरीदाबाद से प्रतिदिन करीब 800 टन कूड़ा निकलता है। यह कूड़ा अभी तक गुरुग्राम के बंधवाड़ी के पास अरावली में डंप किया जाता है। वहां कूड़ा क्षमता से अधिक हो गया है। उस स्थान पर इकोग्रीन कंपनी को कूड़े से बिजली बनाने के सयंत्र लगाना है। सयंत्र लगाने के लिए जगह को कूड़े से खाली करना होगा। इसलिए अगले कुछ महीने वहां कूड़ा नहीं जाएगा। और वहां के कूड़े को भी दूसरी जगह एकत्रित किया जाएगा, ताकि वहां कूड़े से बिजली बनाने का सयंत्र लगाया जा सके।
रिपोर्टर
अभय गिरी

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