धारा 505 की उपधारा 2 क्या?

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विभिन्न समुदायों के बीच शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से झूठे बयान आदि फैलाना. शत्रुता, घॄणा या वैमनस्य की भावनाएं पैदा करने के आशय से पूजा के स्थान आदि में झूठे बयान या भाषण आदि देना. इसी धारा के तहत आते हैं. ये गैर-जमानती और संज्ञेय अपराध है.