धारा 147 क्या है? जानिए पूरा विवरण

0
126

भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (IPC Section 147) के अनुसार यदि कोई व्यक्ति उपद्रव (अशांति) करने की कोशिश करता है तो उस व्यक्ति को एक अवधी की कारावास या जुर्माना लगा कर या फिर दोनों से दंडित किया जाता है।

एक अवधी की कारावास को 2 साल तक बढ़ाया भी जा सकता है अगर वह ऐसा काम फिर दोबारा करने की कोशिश करता है। किसी भी शान्ति पूर्वक हो रहे काम को बिगाड़ना एक जुर्म है जिसे न्यायालय बिलकुल बरदाश नहीं करता है यह समाज में अशांति फैलाने का काम करता है।

भारतीय दंड संहिता की धारा के अनुसार यह अपराध जमानतीय है। इस अपराध में आरोपी को आसानी से ज़मानत मिल जाती है। इस अपराध में ऐसा कोई बड़ा जुर्म नहीं होता है इसलिए न्यायालय उसकी ज़मानत की याचिका को स्वीकार कर लेती है और उसे जेल से रिहा कर दिया जाता है। न्यायालय उसे आगे फ़िर दोबारा ऐसी कोई उपद्रव ना करने की सलाह देती है