किरदार ही इन्सान की असली पहचान है -आर के तिवारी

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जौनपुर यूं तो इन्सान को दायरे में रहना सिखाया जाता है और संभलकर बोलना सिखाया जाता है लेकिन पत्रकारिता में ये बात फिट नहीं होती है। क्योंकि सच्ची पत्रकारिता के दायरे तोड़ कर सच लिखा जाता है और ज़ुल्म के खिलाफ बेबाक बोला जाता है और ये जज़्बा और ‘हिम्मत बहुत कम पत्रकार रखते है। ऐसे ही बेबाक सच को सामने लाने और पत्रकारिता को जज़्बे से निभाने वाले पत्रकार है
लाइव टीवी समाचार के संपादक आर के तिवारी
आर के तिवारी वो नाम है जिन्होंने अपनी मेहनत और अपनी उन्दा शख्सियत से पत्रकारिता में अपना एक अलग मुकाम हासिल किया है !
आर के तिवारी का कहना है कि इन्सान का किरदार ही उसकी असली पहचान है! अगर इन्सान के किरदार में उसका ज़मीर जिन्दा है तो उसे कोई बुराई मार नहीं सकती। लाइव टीवी समाचार के चीफ एडिटर आरके तिवारी की इसी सोच और मेहनत का नतीजा है कि पत्रकारिता में उनकी एक अलग शानदार जगह है। एंटरटेनमेंट न्यूज के क्षेत्र में भी आर के तिवारी ने खासा नाम कमाया है उनका मानना है कि टैलेंट के आगे आना देश को आगे लेकर जाता है, सामाजिक कार्य में भी उनका अक्सर बहुत योगदान रहता है