बारिश से आफत में अन्नदाता, आज से केंद्रों पर मिलेगा टोकन

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अम्बेडकर नगर: इस ठंड में बारिश से किसानों की समस्याएं बढ़ गई हैं। एक ओर धान लदी ट्रालियां लेकर क्रय केंद्रों पर लाइन लगाए हैं तो दूसरी ओर फसलों और पशुओं की सुरक्षा की चिता बनी हुई है। बीते 24 दिसंबर से धान खरीद की प्रक्रिया में दो-तीन बार बदलाव होने से किसान घनचक्कर बने हैं। कभी आनलाइन टोकन के लिए जनसेवा केंद्रों और साइबर कैफे का चक्कर लगा रहे हैं तो कभी आफलाइन टोकन के लिए क्रय केंद्रों का। हालांकि अब जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन के प्रयासों से आनलाइन टोकन व्यवस्था समाप्त कर पुरानी प्रक्रिया बहाल की गई है। किसान सात जनवरी से क्रय केंद्रों से टोकन लेकर इसके अगले दिन आठ जनवरी से धान की तौल करा सकेंगे। लेकिन, बारिश के चलते केंद्रों पर धान को भीगने से बचाने की चुनौती सबसे बड़ी है।जिले में 15 लाख 84 हजार मीट्रिक टन के सापेक्ष अभी तक पांच लाख 48 हजार मीट्रिक खरीद हुई है। इस तरह 82 केंद्रों पर लक्ष्य का महज 42 फीसद ही खरीद हो सकी है। कमोबेश सभी केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों की लंबी कतार के साथ समय से भुगतान नहीं होने की समस्या सामने आ रही है। जिलाधिकारी ने किसानों की मुश्किल कम करने के लिए इस बीच जांच टीम का गठन किया है। खरीद संबंधी कोई भी शिकायत मिलने पर यह टीम जांच कर दोषियों पर कार्रवाई तय करेगी।ट्रालियां लेकर कतार में खड़े किसान: जिला मुख्यालय स्थित नवीन मंडी परिसर के अलावा अन्य केंद्रों पर धान बेचने के लिए किसानों की लाइन लगी है। यहां किसानों को टोकन नंबर दिया जा रहा है। अधिकांश केंद्रों पर खुले में ही धान की बोरियां रखी गई हैं। किसान सुरेंद्र कुमार, जंग बहादुर सिंह, तुलसीराम आदि ने बताया कि एक-एक सप्ताह बाद का नंबर मिल रहा है। इसके बाद धान लेकर पहुंचने पर उसे मानक विपरीत बता रहे हैं। इससे काफी परेशानी हो रही है। दूसरी ओर केंद्र प्रभारियों का कहना है कि दिनभर में 200 क्विटल से ज्यादा धान नहीं खरीदने की बाध्यता है। इसलिए मुश्किलें आ रही हैं।धान की खरीद बढ़ाने का प्रयास लगातार किया जा रहा है। किसानों की सुगमता के लिए अब आठ जनवरी से आफलाइन टोकन के जरिए तौल कराई जाएगी। इसके साथ ही केंद्रों पर खरीद क्षमता बढ़ाने का प्रयास चल रहा है।

राजेश कुमार, जिला खाद्य विपणन अधिकारी