खुटहन ब्लॉक क्षेत्र के अन्तर्गत न्याय पंचायत सौरईयापट्टी में जच्चा-बच्चा केन्द्र बना खंडहर

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जौनपुर

जहां एक और सरकार जच्चा बच्चा से संबंधित अनेकों योजनाएं चला रही है तथा गर्भवती महिला को किसी भी प्रकार की समस्या ना हो इससे संबंधित हर गांव में जच्चा बच्चा केंद्र ही बनाए गए हैं लेकिन खुटहन ब्लाक अंतर्गत सुरैया पट्टी गांव में खंडहर में तब्दील हुआ जच्चा बच्चा केन्द्र न ही दे रही सरकार व ग्राम पंचायत

खुटहन ब्लाक क्षेत्र के न्याय पंचायत सौरईयापट्टी में बना जच्चा-बच्चा केंद्र बदहाल है। आज तक यहां पर सुविधा शुरू ही नहीं हुई और ऐसे में भवन खंडहर जैसे कि तैसा रहा गया है।आपको बताते चले कि भवन का दरवाजा भी शरारती तत्व द्वारा उखाड़ ले गए, लेकिन विभाग के अफसरों ने कोई सुध नहीं ली।न्याय पंचायत सौरईयापट्टी में आने वाले गाँव के उदई सिंह के द्वारा कार्य सत्र 2013 में कराया गया था जो कि अब तक नही बना। अगर आबादी की बात करे तो लगभग 14 से 15 हजार की आबादी,सौरइयापट्टी,मिल्कीपट्टी ,भटपुरा,कनामऊ,चकबेसहूदास माफी, सुईथाखुर्द,की कुल आबादी करीब 14 से 15 हजार है।आस पास की ग्रामीण महिलाओं का काना है कि गांव में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र न होने से गर्भवती महिलाओं को प्रसव के दौरान काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।प्रसव के लिए उंन्हे इधर उधर भटकना पड़ता है।

ग्रामीणों के अनुसार करीब 8 साल पहले ही गांव में जच्चा बच्चा केंद्र का निर्माण शुरू हुआ था। जिससे उम्मीद थी कि इसके शुरू होने के बाद गर्भवतियों की समस्या कम होगी। निर्माण शुरू तो हुआ और कुछ ही महीनों में आधा अधूरा भवन बनकर तैयार हो गया, लेकिन न तो प्लास्टर हुआ और न ही रंगरोगन न तो बाउन्ड्री। साथ ही स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती भी नहीं हुई। ऐसे में इसका कोई लाभ नहीं मिला है। प्रसव के लिए महिलाओं को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता हैं और स्थित निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाकर ग्रामीण थक गए हैं,लेकिन कोई सुध नहीं ले रहा है। बिल्डिग जर्जर होनी लगी है और ईंट भी उखाड़कर कुछ लोग ले गए हैं। परिसर में बेसहारा पशुओं का जमावड़ा रहता है। साफ-सफाई भी कभी नहीं कराई गई है।
कई बार जनप्रतिनिधियों को केंद्र की बदहाली के बारे मे बताया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती भी नहीं है। जच्चा बच्चा केंद्र बदहाल होने से काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।तो वहीं ग्रामिणों का कहना है कि स्वास्थ्य विभाग को इस ओर ध्यान देकर केंद्र की मरम्मत करानी चाहिए।