अम्बेडकरनगर
जलालपुर में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर घर से ले जाने और दुष्कर्म के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने आरोपी मो. आलम को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहन कुमार की अदालत ने बुधवार को आरोपी को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने उस पर 36 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन के अनुसार जलालपुर कस्बा निवासी मो. आलम पुत्र नुरूसलाम वर्ष 2016 में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर अपने साथ घर से ले गया था। आरोप था कि इस दौरान उसने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। मामले में फजलुल्लाह को भी आरोपी का सहयोगी बताया गया था।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक वर्ष 2021 में मो. आलम दोबारा किशोरी को उसके घर लेकर पहुंचा। परिजनों और मोहल्ले के लोगों के विरोध करने पर आरोपी ने किशोरी से शादी करने की बात कही और बाद में उसे अपने साथ लेकर चला गया। काफी तलाश के बाद भी किशोरी का पता नहीं चलने पर परिजनों ने पुलिस से शिकायत की।
जलालपुर कोतवाली पुलिस ने 2 जुलाई 2021 को मो. आलम और फजलुल्लाह के खिलाफ धारा 363, 366, 376, 506 आईपीसी और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट समेत अन्य साक्ष्य जुटाकर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपना पक्ष रखा। साक्ष्यों के परीक्षण के बाद अदालत ने मो. आलम को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के सश्रम कारावास और 36 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।




















