प्रसव पीड़ा के दौरान महिला की मौत किरण हॉस्पिटल के लापरवाही से नहीं मिला पीड़ित परिवार को इंसाफ

0
26

जौनपुर । थाना खुटहन क्षेत्र के अंतर्गत प्रसूति महिला किरन हॉस्पिटल है जहां पर गर्भवती महिला के साथ डॉ किरन ने गलत तरीके से व्यवहार किया गर्भवती महिला हॉस्पिटल में ही दम तोड़ दिया । घटना उस समय की बताई जा रही है कि ज्योति पत्नी राजमणि गौतम सुल्तानपुर के निवासी है ज्योति गर्भवती के रूप में थी ज्योति की तबीयत 25/08/2021 कुछ खराब हो गई तो घर वालों ने आशा को सूचना दिए और आशा आई और ज्योति को किरन देवी हॉस्पिटल ले गई डॉ किरन ने बताया की इनको बड़ा ऑपरेशन करना पड़ेगा तब जच्चा बच्चा सुरक्षित रहेंगे और डॉक्टर ने ज्योति के परिवार वालों से कहा कि हमको ₹50000 दीजिए ऑपरेशन करूंगी घरवाले किसी तरह से पैसे जुटाकर डॉ किरन को दिए अब किरन यादव ने कहा कि इनका खून जांच करा दो घरवाले ज्योति का खून जांच कराएं और रिपोर्ट में 10 पॉइंट के ऊपर खून निकला तो किरन ने और पैसे की मांग करते हुए कहा की पैसे दीजिए तब देखरेख अच्छे से किया जाएगा । घर वाले बोले पैसा तो है नहीं बाद में देंगे किरन देवी ने उनकी मजबूरी नहीं समझी बल्कि ऑपरेशन करने के 3 दिन बीतने के बाद ज्योति को दर्द हुआ तो घरवाले डॉक्टर से कहने लगे तो किरन यादव ने सही ढंग से इलाज नहीं की लापारवाही की वजह से ज्योति की तबीयत ज्यादा खराब होने लगी तो घरवाले पुनः किरन को सूचना दिए किरन यादव ने ज्योति को नींद की गोली खिलाकर सुला दिया ज्योति 31 तारीख रात को लास्ट सांस लेते हुए हॉस्पिटल में ही दम तोड़ दिया तो घरवाले ज्योति को देखना चाहा लेकिन किरन यादव के यहां रह रहे माफियाओं ने देखने नहीं दिया तो यादव ने आनन-फानन में ज्योति को अपने ही वाहन से जौनपुर भिजवा दिया और घर वालों को बता दी की ज्योति की तबीयत ज्यादा खराब है इसलिए जौनपुर भेज दिए घर वालों ने कहा कि हम लोगों को क्यों नहीं देखने दे रही हो तो हॉस्पिटल में रह रहे दबंगों ने सबको डांट दिया। ज्योति जब जौनपुर हॉस्पिटल पहुंची तो डॉक्टर ने देख कर कहा कि इनकी मृत्यु 1 घंटे पूर्व ही हो चुकी हैं तो घरवाले वापस लेकर आए और 112 नम्बर पर फोन करके शिकायत किये तो पुलिस थाने पर लेकर आई और घरवाले सभी जानकारी लिखित रूप में थानाध्यक्ष खुटहन को दिए खुटहन थाने के लोग किरन देवी से मिलीभगत होने के कारण कोई कार्यवाही नहीं किए बल्कि थाने का एस आई राम प्रसाद यादव ने इंसाफ देने के बजाय पीड़ित के घर वालों को गाली गलौज व डांटकर चुप कराता रहा । थानाध्यक्ष विजेंद्र सिंह यादव बोले के पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद हम कठोर से कठोर कार्रवाई करेंगे लेकिन नतीजा यह निकला की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ जाने के बाद थानाध्यक्ष ने कोई कार्यवाही नहीं किए पीड़ित के घरवालों का कहना है कि अगर हमको इंसाफ नहीं मिला तो हम और हमारे गांव के लोग हॉस्पिटल और थाना को घेराबंदी करेंगे। ज्योति के घरवालों का रो रो कर बुरा हाल है और इंसाफ के लिए जगह जगह भटक रहे हैं । पीड़ित परिवार का कहना है कि डॉक्टर अपने पैसा और पावर का इस्तेमाल करके एफ आई आर दर्ज होने नहीं दिए अगर इसी तरह पैसा और पावर के इस्तेमाल से न्याय को दबा दिया जाएगा तो पुलिस भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रही है।
शाहगंज तहसील संवाददाता विनोद कुमार