सम्मान निधि सूची से हटाए गए 635 नाम

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अंबेडकरनगर। गलत ढंग से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ उठा रहे 635 व्यक्ति सत्यापन के बाद अपात्र पाए गए। ऐसे व्यक्तियों का नाम पात्रता सूची से बाहर कर दिया गया। जिनके नाम पात्रता सूची से हटाए गए हैं, उनमें कुछ ऐसे भी हैं, जिनका निधन हो चुका है। शेष 3 लाख साढ़े 66 हजार पात्रों को योजना के तहत 10वीं किस्त मिल सके, इसके लिए नई सूची कृषि विभाग कार्यालय ने शासन को भेज दी है। शीघ्र ही संबंधित पात्रों के खाते में 10वीं किस्त की राशि भेज दी जाएगी। उधर, सत्यापन में जो जीवित अपात्र पाए गए हैं, उनसे रिकवरी की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्रों को 10वीं किस्त की राशि पात्रों के खाते में भेजी जा सके, इसके लिए बीते दिनों ही शासन ने जिम्मेदारों को पात्रता सूची में शामिल व्यक्तियों का स्थलीय सत्यापन करने का निर्देश दिया था। योजना के तहत जिले के 3 लाख 67 हजार पात्रों को किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है।अब तक पात्रों को योजना के तहत 9 किस्त की राशि उपलब्ध हो चुकी है। इस बीच आए दिन यह शिकायत सामने आ रही थी कि कुछ ऐसे व्यक्ति भी योजना का लाभ उठा रहे हैं, जो पात्र नहीं हैं या फिर योजना के तहत राशि दूसरे के खाते में जा रही है। इसे गंभीरता से लेते हुए ही शासन ने जिले को 3 लाख 67 हजार लाभार्थियों वाली सूची उपलब्ध कराई। साथ ही सभी पात्रों का स्थलीय सत्यापन किए जाने का भी निर्देश दिया।
कृषि विभाग कार्यालय के अनुसार शासन के दिशा निर्देश पर बीते दिनों सत्यापन का कार्य पूर्ण किया गया। इसमें 635 व्यक्ति अपात्र पाए गए। इनमें कुछ ऐसे भी व्यक्ति थे, जिनका निधन हो चुका है। ऐसे में संबंधित 635 लाभार्थियों का नाम सूची से बाहर कर दिया गया। शेष पात्रों के खाते में योजना के तहत 10वीं किस्त की राशि पहुंच सके, इसके लिए नई सूची शासन को भेज दी गई है। शीघ्र ही संबंधित के खाते में योजना के तहत राशि भेज दी जाएगी।
शासन को भेज दी नई सूची
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत जिले के 3 लाख 67 हजार लाभार्थियों को लाभ मिल रहा था। 10वीं किस्त के लिए शासन के निर्देश पर सभी पात्रों का स्थलीय सत्यापन किया गया। इसमें 635 अपात्र पाए गए। इन सभी के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। नई सूची शासन को भेज दी गई। शीघ्र ही शेष पात्रों के खाते में राशि भेज दी जाएंगी। जो अपात्र पाए गए हैं, उनसे रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
– पीयूष राय, उप कृषि निदेशक