आजमगढ़। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर समाजवादी पार्टी की ओर से बुधवार को प्रस्तावित आंदोलन को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। सपाइयों के सड़क पर उतरकर प्रदर्शन के कार्यक्रम को देखते हुए कलेक्ट्रेट क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर जगह-जगह बैरिकेडिंग कर दी गई। हालात यह रहे कि कलेक्ट्रेट परिसर और सपा कार्यालय के आसपास का इलाका पुलिस छावनी में तब्दील नजर आया।
समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अलग-अलग गुटों में पार्टी कार्यालय पहुंचते रहे। हालांकि, उन्हें सड़क पर उतरकर जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी गई। कार्यकर्ता जब जुलूस की शक्ल में पार्टी कार्यालय की ओर बढ़े तो पुलिस ने उन्हें कार्यालय के सामने स्थित कुंवर सिंह उद्यान की ओर डायवर्ट कर दिया। देखते ही देखते कुंवर सिंह उद्यान में सपाइयों का हुजूम उमड़ पड़ा।
उधर, भारतीय जनता पार्टी की ओर से चल रही सेवा संकल्प यात्रा के तहत प्रस्तावित पदयात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दोनों दलों के कार्यक्रमों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए भी व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। किसी भी स्थिति में दोनों पक्षों के जुलूस आमने-सामने न हों, इसके लिए पुलिस ने कलेक्ट्रेट के दोनों तरफ बैरिकेडिंग कर रास्तों पर निगरानी बढ़ा दी थी।
एसपी सिटी, एसपी ट्रैफिक, सीओ सदर और सीओ फूलपुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस बल कलेक्ट्रेट और सपा कार्यालय के आसपास तैनात रहा। प्रदर्शनकारियों को डीएम कार्यालय की ओर जाने की अनुमति नहीं दी गई। पुलिस की सख्ती के चलते पूरे कलेक्ट्रेट क्षेत्र में दिनभर गहमागहमी बनी रही। बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर पूरी तरह से पुलिस सुरक्षा के घेरे में नजर आया।
सब ब्यूरो चीफ़ महादेव यादव आजमगढ की रिपोर्ट






















