स्थानीय विकास खण्ड के अमिहित कृषि विज्ञान केंद्र पर आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय अयोध्या द्वारा संचालित कृषि परिसर में सोमवार दोपहर एक बजे अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर पास के विभिन्न ग्राम की महिलाओं ने उपस्थित होकर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा लाइव टेलीकास्ट प्रोग्राम को देखकर महिलाओं का खेती में योगदान एवं स्वास्थ्य पोषण में महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे मसाले जैम, जेली, मुरब्बा एवं अन्य रूपों में किए जा रहे योगदान की जानकारी प्राप्त किए हैं। इस अवसर पर केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ नरेंद्र रघुवंशी ने धर्मापुर प्रोड्यूसर कंपनी की अध्यक्ष श्रीमती संध्या देवी द्वारा समूह गठन कर नारी सशक्तिकरण के किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा डॉ रघुवंशी ने स्वयं सहायता समूह के गणेश सिलाई ,लक्ष्मी जनसेवा स्वयं सहायता समूह, रेशमा देवी स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों की जानकारी साझा की एवं खेती सब्जी उत्पादन में महिलाओं द्वारा कंधे से कंधा मिलाकर उत्पादन बढ़ाने में योगदान की जानकारी दी। केंद्र के वैज्ञानिक डॉक्टर ए के सिंह ने बताया कि कृषि में तकनीकी ढंग से खेती एवं सहयोग करके महिलाओं द्वारा ही मुख्य रूप से विविधीकरण की मिसाल पेश की जा रही है विभिन्न फलों के विभिन्न उत्पाद तैयार कर तकनीकी विधि से पैकिंग एवं मार्केटिंग का कार्य करके महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं ।इस अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर विभिन्न ब्लॉकों से एवं विभिन्न स्वयं सहायता समूह की महिलाओं जैसे श्रीमती सुनीता देवी, रेशमा ,रेखा ,उर्मिला , रेनू ,श्री त्रिलोकी नाथ एवं सुजीत कुमार ने भाग लिया l कार्यक्रम सहायक श्री वी के सिंह ने स्वागत किया एवं संचालन कर महिलाओं का उत्साह वर्धन करने के साथ साथ उत्कृष्ट कार्यों को भी सराहा व सम्मानित किए। इस अवसर पर केंद्र के कर्मचारी सचिन यादव, धीरज, विवेक एवं परमेंद्र ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किये! अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद नई दिल्ली से ऑनलाइन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय नई दिल्ली के श्री नरेंद्र तोमर जी एवं केंद्रीय राज्य मंत्री माननीय पुरुषोत्तम निराला जी एवं कैलाश चौधरी जी ने महिला सशक्तिकरण तथा महिलाओं के कृषि में योगदान की जानकारी अपने संबोधन में दी एवं कार्यक्रम में साक्षी बनने के लिए भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद एवं कृषि विज्ञान केंद्र की भूरी भूरी प्रशंसा की तथा वैज्ञानिकों द्वारा किए जा रहे कार्यों का उत्साहवर्धन किया।
