स्ट्रिंगर रिपोर्ट – हीरा मणि गौतम
जौनपुर –
जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल मां शीतला चौकियां धाम में मंगलवार को चन्द्र ग्रहण के दृष्टिगत मंदिर के कपाट निर्धारित समय से पूर्व बंद कर दिए गए। दोपहर करीब 3 बजे मंदिर के पुजारी शिवकुमार पंडा ने मध्यान्ह आरती और पूजन के पश्चात मंदिर के गर्भगृह के कपाट बंद कर दिए। कपाट लगभग 5 घंटे तक बंद रहे।
धाम परिसर के आसपास स्थित सत्यनारायण मंदिर, काल भैरवनाथ मंदिर, काली मंदिर, हनुमान मंदिर, शिव शक्ति मंदिर एवं नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के कपाट भी ग्रहण काल के दौरान बंद रखे गए। मंगलवार होने के कारण हनुमान मंदिर परिसर के समीप श्रद्धालु नाम-जप, भजन और कीर्तन करते नजर आए।
ग्रहण समाप्ति के बाद रात्रि लगभग 8 बजे मंदिर के महंत विवेकानंद पंडा ने गर्भगृह का गंगाजल से शुद्धिकरण कराया। इसके उपरांत मंदिर परिसर की साफ-सफाई कर विधि-विधान से आरती एवं पूजन संपन्न कराया गया। महंत ने बताया कि सनातन धर्म में ग्रहण काल को अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील समय माना गया है। यह अवधि साधना, ध्यान, मंत्र-जप और आत्मशुद्धि के लिए श्रेष्ठ मानी जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा के प्रभाव से बचाव हेतु मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं और पूजा-पद्धति को विराम देकर आंतरिक साधना पर बल दिया जाता है। सूतक नियमों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि ग्रहण से पूर्व लगने वाले सूतक काल में भोजन पकाना और ग्रहण करना वर्जित माना गया है। हालांकि बीमार, अस्वस्थ व्यक्तियों और छोटे बच्चों के लिए इसमें छूट दी गई है।ग्रहण काल के दौरान मंदिर परिसर में सुरक्षा एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रबंधन की ओर से विशेष सतर्कता बरती गई।

















