Chandauli/विद्यालय प्रबंधक संघ जनपद चंदौली का एक प्रतिनिधिमंडल जिलाध्यक्ष विनय कुमार वर्मा के नेतृत्व में जिलाधिकारी चंदौली नवनीत चहल से मिला और योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को संबोधित एक ज्ञापन दिया। ज्ञापन में मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालय के संचालन में आ रही समस्याओं का विस्तृत विवरण देते हुए मांग की गई कि वह जनपद में संचालित सैकड़ों छोटे-बड़े मान्यता प्राप्त स्ववित्तपोषित विद्यालयों के समक्ष उत्पन्न अभूतपूर्व आर्थिक संकट के समाधान हेतु कोई क्रियाशील विकल्प प्रदान करने का कष्ट करें।
तत्पश्चात दुल्हन वाटिका में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान श्री वर्मा ने कहा कि चंदौली जनपद में लगभग 350 स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त विद्यालय हैं जिनमें 11000 अध्यापक-कर्मचारी कार्यरत हैं इन विद्यालयों में लगभग 1 लाख 25000 बच्चे शिक्षा ग्रहण करते हैं। कोरोना क्राइसिस के दौरान सरकार की गाइड लाइन के अनुसार अधिकांश विद्यालय पिछले मार्च माह से गुणवत्ता परक ऑनलाइन संचालन कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। सभी शिक्षक ईमानदारी एवं तन्मयता से बच्चों को शिक्षा प्रदान कर रहे हैं लेकिन सभी विद्यालयों में मात्र 15 से 20 % फीस अभिभावकों के द्वारा दी जा रही है। जबकि शासनादेश के अनुरुप कोई भी स्कूल अभिभावकों पर किसी तरह का दबाव नहीं दे रहा है। बहुत सारे सक्षम और आर्थिक रूप से मजबूत अभिभावक भी शुल्क जमा नहीं कर रहे हैं जिसके कारण शिक्षकों को वेतन कर्मचारियों को अनुदान तथा अन्य कार्यों में भुगतान की समस्या पैदा हो जा रही है
, गौरतलब है कि फीस अदायगी के प्रति
माननीय उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय का रुख स्पष्ट है। वैसे लगभग सभी विद्यालय स्वेच्छा से 15 से 25% तक शुल्क छोड़ दे रहे हैं। वाहन शुल्क कोई भी विद्यालय नहीं ले रहा है। श्री वर्मा ने बताया कि जिन्हें ऑनलाइन शिक्षा बेवकूफ बनाने का तरीका लगता हो वह एक आवेदन देकर अपने बच्चे को अगले साल पढ़ाने के बाद कह कर 1 वर्ष की फीस बचा सकते हैं. जिला अध्यक्ष ने यह भी कहा कि स्कूल चलाना आज एक बहुत ही दुष्कर कार्य बन गया है। बहुत सारे विद्यालय लर्निंग एप लेकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं जिसको खरीदने में भारी रकम खर्च करनी पड़ी है।यह विद्यालय प्रबंधन के कुछ सुंदर सोच की वजह से संभव है लेकिन फीस न देने वाले लोगों के द्वारा अच्छा नहीं किया जा रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान उपस्थित सभी प्रबंधकों ने एक स्वर में उत्तर प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि सुरक्षा के गाइडलाइन देते हुए विद्यालयों को क्रमवार खोलने की कृपा करें नहीं तो सभी बच्चों का एक वर्ष यूं ही बर्बाद चला जाएगा। जिलाधिकारी महोदय से मिलने और प्रेस वार्ता के दौरान विद्यालय प्रबंधक संघ के संरक्षक डॉ अनिल यादव, यदुराज कनोडिया, हाजी वसीम, विद्यार्थी, खान मोहम्मद अनीस, रवि कुमार बंजारी सिंह, राजू इकबाल इसरार अहमद, संजित सिंह, मोहम्मद रफीक, साजु थॉमस, ऋषभ सिंह प्रमुख रूप से शामिल थे।
