सैदपुर विधायक ने तहसील परिसर में डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने की मांग किया

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गाजीपुर। यह खबर गाजीपुर के सैदपुर विधानसभा क्षेत्र से संबंधित है। समाजवादी पार्टी के विधायक अंकित भारती ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर सैदपुर तहसील परिसर में डॉ.भीमराव अंबेडकर की भव्य प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। उन्होंने अपने क्षेत्र के गरीबों, शोषितों, दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के हित में यह प्रस्ताव रखा। पत्र में डॉ. अंबेडकर को भारत रत्न, संविधान निर्माता, प्रथम कानून मंत्री, बोधिसत्व और बाबा साहेब के रूप में सम्मान दिया गया है। पत्र में उन्होंने बताया है, कि गाजीपुर के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने पत्र संख्या 2873/दिशा-प्रस्ताव/25-26 (दिनांक 11.03.2026) के माध्यम से तहसील परिसर में मूर्ति स्थापना के लिए उपयुक्त स्थान की पुष्टि की है। विधायक ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है, कि संबंधित विभागों/अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं, ताकि नियमों के अनुसार औपचारिकताएं पूरी की जा सकें और प्रतिमा लगाई जा सके। साथ ही, कार्यवाही की जानकारी उन्हें भी दी जाए। विधायक की यह मांग ठीक उसी समय आई है, जब उत्तर प्रदेश सरकार ने हाल ही में डॉ. भीमराव अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ को कैबिनेट से मंजूरी दी है।

योजना की मुख्य बातें:

प्रदेश की हर 403 विधानसभा क्षेत्रों में 10-10 स्मारकों (महापुरुषों की प्रतिमाओं) का विकास। प्रति विधानसभा क्षेत्र 1 करोड़ रुपये आवंटित (कुल 403 करोड़ रुपये का बजट)।प्रति स्मारक 10 लाख रुपये तक खर्च का प्रावधान।

कार्य: छत्र (umbrellas) लगाना, बाउंड्री वॉल बनाना, सौंदर्यीकरण, हरियाली, प्रकाश व्यवस्था आदि।
यह योजना केवल डॉ. अंबेडकर तक सीमित नहीं है — इसमें संत रविदास, कबीर, ज्योतिबा फुले, महर्षि वाल्मीकि समेत अन्य समाज सुधारकों की प्रतिमाओं का भी विकास शामिल है। 14 अप्रैल (अंबेडकर जयंती) को सभी विधानसभा क्षेत्रों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें स्थानीय जनप्रतिनिधि योजना की जानकारी देंगे।
विधायक अंकित भारती की यह मांग नई योजना के दायरे में आ सकती है, क्योंकि सैदपुर तहसील परिसर जैसा सार्वजनिक स्थान उपयुक्त माना गया है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभाग इस पर क्या कार्रवाई करते हैं।
यह कदम सामाजिक न्याय और महापुरुषों की विरासत संरक्षण की दिशा में उठाया गया है, हालांकि कुछ लोग इसे 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले दलित वोट बैंक को साधने की रणनीति के रूप में भी देख रहे हैं।

जयप्रकाश चंद्रा, ब्यूरो चीफ गाजीपुर

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