कटका/ अम्बेडकरनगर
तहसील क्षेत्र जलालपुर के नूरपुर कला निवासी सीताराम ने शासन प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है उन्होंने आरोप लगाते हुए बताया कि हमारी खतौनी की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा किया जा रहा है। जिसको लेकर तहसील व थाने से न्याय की गुहार लगाया जा रहा है उन्होंने बताया है विपक्षी किस्मती पत्नी घनश्याम को आवासीय पट्टा मिला हुआ था जोकि दूसरा गाटा संख्या है लेकिन विपक्षी हमारे खतौनी पर कब्जा कर रहा है। उसका पट्टा भी निरस्त एक बार हो चुका है। जिसमें न्यायालय द्वारा साफ आदेश जारी किया गया कि अवंतिगण आवंटन के पात्र नहीं हैं किसमती के पास पहले से ही पर्याप्त मात्रा में खेती बारी ट्रैक्टर, ट्यूबल, मोटर साइकिल, 10 विश्वा में पक्का व खपरैल पोश मकान है अवंतीगण द्वारा कोई निर्माण नहीं किया गया है कानूनन आवंटन स्वतः रद्द हो चुका है और 02/04/1993 को निरस्त कर दिया गया। आरोप यह भी लगाया गया है कि पट्टा निरस्तीकरण वाद दायर के बाद विपक्षी पीड़ित अपने छप्पर पोश निर्माण द्वारा ईंट कराकर रहता था उसको विपक्षी द्वारा जला दिया गया था जिसमें विभिन्न धाराओं में मुकदमा भी दर्ज है। उधर न्यायालय द्वारा पुनः विपक्षी का पट्टा बहाल इस शर्त पर कर दिया गया है कि विपक्षी आवासीय पट्टे में मकान बनाकर निवास किया जा रहा है जबकि भूमि खाली है विपक्षी न्यायालय को गुमराह करके अवैध तरीके से मेरी जमीन को कब्जा कर लेना चाहता है। अब राजस्व विभाग के हस्तक्षेप पर निर्माण कार्य रोका गया है। अब सवाल ये है कि एक बार किस्मती को जमीन मकान खेत गाड़ी सब दिखा कर पट्टा निरस्त किया गया फिर पुनः यह कहकर बहाल कर दिया गया कि उसके पास कुछ नहीं है।