जलालपुर
नवरात्र को लेकर जलालपुर क्षेत्र में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। कस्बे से लेकर गांवों तक दुर्गा पूजा के पंडाल आकार लेने लगे हैं। वहीं मूर्तिकार मां दुर्गा की प्रतिमाओं में रंग-रोगन और सजावट का अंतिम स्पर्श देने में जुटे हैं। पूजा समितियों की ओर से कई महीने पहले कराई गई बुकिंग के बाद अब प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
जलालपुर क्षेत्र में करीब चार दशक से चली आ रही प्रतिमा निर्माण की परंपरा इस बार भी जारी है। मूर्तिकार रामू प्रजापति, दिनेश कुमार और आसाराम प्रजापति करीब तीन दशक से मां दुर्गा की प्रतिमाएं तैयार कर रहे हैं। उनके यहां जुलाई से ही प्रतिमा निर्माण का काम शुरू हो गया था। इस बार पांच हजार से लेकर 25 हजार रुपये तक की प्रतिमाएं तैयार की जा रही हैं। कई पूजा समितियों ने झांकियों और विशेष थीम के अनुसार प्रतिमाओं के ऑर्डर दिए हैं।
मूर्तिकारों का कहना है कि रंग, सजावटी सामान और प्रतिमा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली अन्य सामग्री के दाम बढ़ने से लागत में लगातार इजाफा हुआ है। पहले जिस प्रतिमा को तैयार करने में करीब पांच हजार रुपये खर्च होते थे, अब उसकी लागत लगभग छह हजार रुपये तक पहुंच गई है। हालांकि पुराने ग्राहकों और पूजा समितियों को ध्यान में रखते हुए कीमतों को यथासंभव नियंत्रित रखने का प्रयास किया जा रहा है।
दुर्गा पूजा समितियां भी पंडालों को आकर्षक रूप देने में जुट गई हैं। बांस, बल्ली, कपड़े, झालर, लाइटिंग और साउंड सिस्टम समेत अन्य जरूरी सामान की खरीदारी तेज हो गई है। बाजारों में पूजा और शृंगार सामग्री की दुकानों पर भी चहल-पहल बढ़ गई है। नवरात्र की तैयारियों से मूर्तिकारों, कारीगरों और स्थानीय दुकानदारों के कारोबार में तेजी आने लगी है।
इस बार जलालपुर सर्किल क्षेत्र में कुल 439 दुर्गा प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इनमें कटका थाना क्षेत्र में 89, जैतपुर में 113, मालीपुर में 71 और जलालपुर कोतवाली क्षेत्र में 166 प्रतिमाएं शामिल हैं। पूजा समितियां पंडालों को अंतिम रूप देने में जुटी हैं।
क्षेत्राधिकारी अनूप सिंह ने बताया कि दुर्गा पूजा को लेकर पुलिस प्रशासन की तैयारियां पूरी हैं। पूजा समितियों के पदाधिकारियों से लगातार संपर्क किया जा रहा है। शरारती तत्वों को चिह्नित कर निगरानी की जा रही है, जिससे नवरात्र और दुर्गा पूजा के दौरान शांति एवं कानून व्यवस्था बनी रहे।






















