(विधायक ने प्रबुद्धजनों संग स्थल का निरीक्षण कर की विकास योजनाओं पर चर्चा)
मोढ़ेला(जौनपुर)24जनवरी।क्षेत्र के रामगढ़ गांव में स्थित भगवान बराह तीर्थ स्थल का विकास पर्यटन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री पर्यटन समृद्ध योजना के अंतर्गत पचास लाख रुपये खर्च कर किया जाएगा।इसके लिए विभाग द्वारा धन आवंटित कर दिया गया है।विधायक दिनेश चौधरी ने तीर्थ स्थल पहुंच कर प्रबुद्धजनों संग निरीक्षण किया तथा कराए जाने वाले विकास कार्यों पर चर्चा की व लोगों से सुझाव लिए।श्री चौधरी ने कहा कि मंदिर परिसर में शिघ्र ही स्थानीय लोगों के साथ बैठक कर रूप रेखा तैयार की जाएगी।उन्होंने कहा कि इस कार्य के निमित्त धन की कमी नही होगी।विधायक ने कहा कि धन की कमी होगी तो मैं अपना दस बीस लाख लगा कर कार्य को पूरा करूंगा।मंदिर परिसर में हो रहे बेतरतीब निर्माण कार्य का स्थान बदलने व सारा काम एक सिस्टम से कराने के लिए लोगों से बात करेंगे। गौरतलब हो कि रामगढ़ स्थित भगवान बराह का मंदिर सदियों पुराना है।इसका जिक्र पुराणों में भी है।काशी महात्म्य में भी उल्लेख किया गया है।महाभारत काल में अज्ञात वास के समय पांडवों के यहां ठहरने का भी जिक्र भी पुराणों में है।इस पौराणिक व ऐतिहासिक मान्यताओं एवं महत्व वाले तीर्थ स्थल के विकास के लिए काफी समय से मांग हो रहीं थीं।इसके लिए तीर्थ स्थल से जुड़े बुढऊ बाबा कलक्टरदास,बाबा बालक दास, साध्वी माया देवी जय प्रकाश पांडेय,राधेमोहन सिंह,डॉ. राम बटुक सिंह, महेंद्र प्रजापति,आर जे पटेल, विनय सिंह सहित अन्य लोगों ने विधायक दिनेश चौधरी को तीर्थ स्थल से जुड़े दस्तावेज सौंपते हुए पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की मांग की।विधायक ने पर्यटन विभाग को इस स्थल के पौराणिक मान्यताओं के दृष्टिगत कार्य योजना में लेकर यथोचित विकास करने के लिए पत्र लिखा।उनका प्रयास रंग लाया।पर्यटन विभाग द्वारा भगवान बराह तीर्थ स्थल के विकास के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन समृद्ध योजना के अंतर्गत पचास लाख रुपए आवंटित किया गया है।विधायक ने तीर्थ स्थल के समुचित विकास के लिए स्थल का निरीक्षण कर इससे जुड़े लोगों से कार्य योजना पर चर्चा की।तीर्थ स्थल के विकास के लिए धन आवंटित होने पर महेंद्र शंकर पांडे एडवोकेट, छोटेलाल चौबे, रामसमुझ निषाद, गौतम मिश्र गोलू, सुशील चंद्र मिश्र, प्रवीण
सिंह बबलू, अमित सिंह, राज बहादुर सिंह बबलू, आरडी चौधरी,सहित अन्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
सुनील कुमार यादव की रिपोर्ट
