आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाने के अन्तर्गत चकिया नूरपुर में 14 अप्रैल को हुआ चुनावी रंजिश का बवाल चुनाव के बाद खूनी खेल बन गया, बडी़ बात ये है कि 14 अप्रैल को ही मारपीट और संभावित खूनी मारपीट की सूचना थानाध्यक्ष दीदारगंज को दी गयी थी लेकिन मामले पर थानाध्यक्ष दीदारगंज निष्कृय बने रहे और मनबढो़ ने 14 अप्रैल की मारपीट को 11 मई को खूनी खेल में तब्दील कर दिया|
मामला आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थानान्तर्गत चकिया नूरपुर का है जहां चुनावी रंजिश को लेकर जैसराज पुत्र रामआसरे को पहले से ही घात लगाकर बैठे राधेश्याम यादव पुत्र नरसू, नागेन्द्र यादव पुत्र रामलखन यादव, लालचन्द पुत्र मिठाईलाल,अशोक यादव पुत्र कन्हैया यादव, रामभुवन पुत्र बाबूलाल ने लाठी डण्डे और धारदार हथियार से हमला कर दिया | हमला इतना भयानक था कि जैसराज यादव को संभलने का मौका नहीं मिला शोरगुल पर आये जैसराज यादव के भाई और उनके भतीजे को भी बीच बचाव में चोटें आईं गांव के और लोग बीच बचाव में दौड़कर आये तब तक जैसराज यादव के सर सहित पूरे शरीर में भारी जख्म बना दिये|
पूरा मामला चुनावी रंजिश का ही है गदाईपुर ग्रामसभा में त्रिकोणीय मुकाबले में तीन प्रत्याशी रामअवध यादव, श्याबहादुर यादव,विजय राजभर ने अपना दमखम दिखाया जिसमें विजय राजभर विजयी हुये|
तिलमिलाये श्यामबहादुर यादव के समर्थक राधेश्याम यादव,नागेन्द्र यादव, लालचंद यादव,अशोक यादव, रामभुवन यादव ने खेत से घर आये जैसराज यादव पर हमला कर बुरी तरह से घायल कर दिया| बताते चले कि नागेन्द्र यादव और घनश्याम यादव ने खेत में काम कर रहे जैसराज यादव को मारने का प्लान बनाया लेकिन पशुओं को चरा रहे लोगों ने बीच बचाव किया था|
आनन फानन में जैसराज यादव को परिवार के लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र फूलपुर ले गये जहां से डाक्टरो ने रेफर कर दिया|
इस समय जैसराज यादव आजमगढ़ किसी हास्पीटल में एडमिट हैं जहां पर हालत नाजुक बनी है वहीं डाक्टरों का कहना है की होश आने में महीनों लग सकते हैं|
अब यहां पर दीदारगंज पुलिस की कर्यशैली पर सवाल उठना तय है की क्या दीदारगंज थाना ऐसी घटना होने के इन्तजार में था| यदि 14 अप्रैल की मारपीट को दीदारगंज थाना संज्ञान में लिया होता तो 11 मई को इतनी बडी़ घटना होने से बचाव हो गया होता| वहीं जब इस मामले पर थानाध्यक्ष से केमास न्यूज के रिपोर्टर से बात हुयी तो थानाध्यक्ष ने किसी प्रकार की जानकारनी ना होने की बात कही उन्होने कहा यदि मारपीट हुयी होगी तो एफ. आई. आर. किया गया होगा जानकारी नहीं हैl
थानाध्यक्ष की ऐसी बाते इस बात की पुष्टी करती हैं की थानाध्यक्ष मामले को दबाने का पूरा प्रयास कर रहे हैं|
Kmass News
स्ट्रिंगर रिपोर्ट आजमगढ़
