चन्दौली:- जनपद के उत्तर प्रदेश में सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गौ तस्करी पर रोक लगाते हुए ग्राम पंचायत स्तर पर और नगर पंचायत स्तर पर सभी जिलों में गौ आश्रय स्थलों का निर्माण कर वहां सभी छुट्टा पशुओं और गौ तस्करों से पकड़ कर छुड़ाए गए पशुओं को रखकर उनकी देख भाल के लिए निर्देशित किया था और सभी पशुओं की देख भाल के लिए सरकार द्वारा पशु आश्रय स्थलों पर उनको खाने के लिए खली चुन्नी व अन्य सेवाओं के लिए प्रति महीने और प्रति पशु के हिसाब से धनराशि भी दी जाती है।
जनपद में सम्बन्धित अधिकारियों की घोर लापरवाही और लालच के कारण पशु आश्रय स्थलों की स्थिति इतनी दयनीय है कि उसे देखकर ही घृणा सी हो रही है, किसी भी पशु आश्रय स्थल पर पशुओं की स्थिति ठीक नहीं है क्योंकि जब उन्हें खाने के लिए उचित खुराक ही नहीं मिलेगा तो आखिर पशु स्वस्थ कैसे रहेंगे। गौ आश्रय स्थलों पर पशुओं को चारा के नाम पर कभी थोड़ा बहुत भूसा दे दिया जाता है और खली चुन्नी के नाम पर धान से निकला सड़ा हुआ थोड़ा सा ब्रान छिड़क दिया जाता है। सोमवार की शाम सूचना मिलने पर के मांस न्युज टीम सैयदराजा नगर पंचायत द्वारा संचालित पशु आश्रय स्थल पर पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर अवाक रह गए वहां की स्थिति इन्सानियत को शर्मशार करने वाली थी। मौके पर पच्चीस से तीस की संख्या में पशु मौजूद थे जिसमें से एक पशु तो मरने की स्थिति में था और बाकी अन्य पशुओं को देखकर ऐसा लग रहा है कि कभी उन्हें कुछ खाने को नहीं दिया जा रहा है ।
सूत्रों की माने तो सरकार द्वारा पशुओं को खिलाने के लिए खली चुनी के नाम पर जो धन राशि भेजी जाती है उसी राशि की खली चुनी तो पशुओं को नहीं मिल पाता लेकिन उसकी राशि तो पशुओं से संबंधित कर्मचारी की खली चुनी का काम चल जाता है आपको सभी जानते होंगे जब लालू यादव बिहार के मुख्यमंत्री थे तो पशुओं का सारा पैसा खली चुन्नी के नाम पर डकार गए थे ठीक उसी तरह उत्तर प्रदेश के संबंधित अधिकारी और पशु कर्मचारियों के खली चुन्नी का रुपया डकार रहे है और पशुओं को उचित खुराक ना मिलने से धीरे-धीरे कमजोर होकर मर रहे हैं यह देखने पर की मीडिया कर्मी खबर कबर कर रहे हैं तो उसी समान एक आदमी जो अपना नाम राजू बताया अपने आप को नगर पंचायत का कर्मचारी बता रहा था बजाज के कुछ आवारा लड़कों के साथ वहां पशु आश्रय स्थल पर आया और वहां की कमियों को छुपाने के लिए धमकी देते हुए बोला कि तुम लोगों की हिम्मत कैसे हुई थी जो हमारी अनुमति के बिना यहां चले आए अब पत्रकारों को खबर बनाने के लिए भी ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों और बाजार के आवारा लफंगा से अनुमति लेनी पड़ेगी। इस संबंध में नगर पंचायत अध्यक्ष उच्च अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई तो नहीं हो पाया तब सदर के एसडीएम साहब को फोन करके इस संबंध में सूचित किया गया तो उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच कर दोषियों को उचित करवाई की जाएगी अब देखना यह है कि क्या सैयद राजा के राजू को जो धमकी दिया था उसे होता क्या है यहां की पुलिस क्या कर रही है।
नौगढ़ तहसील संवाददाता विनोद कुमार पाल
