पुलिस अब अपराधियों को छोड़ कर पत्रकारों के पीछे करेगी घुड़दौड़ वाली दौड़

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जौनपुर। माननीय न्यायालय के आदेशों की लगातार धज्जियां उड़ाती चली आ रही पुलिस भारत सरकार लिखी गाड़ियों,बीच बाजार मानक स्पीड की धज्जियां उड़ाते ,प्रेशर हॉर्न बजाते , बाइक सवारों और ऑटो चालकों को मौत की नींद सुलाते फर्राटा भर रहे ट्रकों, बसों तथा ट्रैक्टर और डग्गामार तथा उपरोक्त वाहनों में साउंड बॉक्स लगाकर अति तीव्र गति में चल छैया छैया जैसे गानों को बजाते, बगैर नंबर प्लेट ट्रक ट्रैक्टर डग्गामार और भैंस,भूसा , लकड़ी लदी गाड़ियां और पुलिस संरक्षण में खुलेआम संचालित हो रहे अवैध बूचड़खाना, जुआ अड्डा, गांजा, चरस,शराब ,देह व्यापार लकड़ी तस्करी को भले ही नहीं रोक पाते , अपराध की नगरी बन चुके केराकत थाना क्षेत्र में भले ही अपराधियों के खिलाफ अभियान नहीं चलाते लेकिन महामारी काल में केराकत क्षेत्राधिकारी शुभम तोड़ी ने कहीं ज्यादा कहीं थोड़ी राहत देते हुए बिना नंबर, आधे अधूरे और फैंसी नंबर प्लेट तथा पुलिस और पत्रकार लिखी गाड़ियों के खिलाफ अभियान सोमवार से चलाने जा रहे हैं। क्षेत्राधिकारी भले ही चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ा चुके ,आदेशों के बावजूद विजय जुलूस निकलवा चुके ,शादियों में हजारो की भीड़ जुटवा चुके थाना प्रभारी गौरा पर आभारी रहे लेकिन पुलिस की भ्रष्टाचारी राह में रोड़ा बन रहे निष्पक्ष पत्रकारों का सर कूचने के लिए हथोड़ा लेकर तैयार नजर आते हैं। क्योंकि पुलिस को जो पत्रकार भाते हैं उन्हें ही वह सम्मान दे पाते हैं। अन्य को बदनाम करने के लिए चड्डी फाड़ योजना दलाल और चाटुकारों के सहयोग से चलाते हैं।पूछ पूछ सर कूच योजना का संचालन तो ऐसे होने जा रहा है जैसे प्रेस लिखी गाड़ियों को पुलिस हाथ नहीं लगाती अथवा उनके कागज चेक नहीं कर पाती कुल मिलाकर अपने कार्यकाल में क्षेत्राधिकारी चोरी कर हलाल हो चुके हजारों दुधारू पशुओं को भले ही आज तक नहीं बचा पाए चोरों को पकड़ना तो दूर एक f.i.r. भी नहीं दर्ज कर पाए लेकिन गौकसी पर डटकर तत्पर नजर आते हैं। जनमानस की निगाह में पुलिस की धूमिल ही नहीं मटमैली हो चुकी छवि को खबरों के माध्यम से जरा सी शाबाशी ढेर सुथरी छवि जैसी सुधार योजना पर बल देते नजर आते हैं जबकि समाज का कोई भी तबका किसी भी जिले अथवा क्षेत्र में आने वाले अधिकारी की कार्यशैली और इमान के बारे में, आड़े तिरछी खड़ी गाड़ियां, फर्राटा मार रहे डग्गामार वाहनों तथा पुलिस संरक्षण में फल फूल रहे अवैध ठिकानों के अनुसार अनुमान लगा लेता हैं

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