बरेका निर्मित 3000 एचपी केप गेज रेल इंजन मोजांबिक को निर्यात हेतु रवाना

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वाराणसी :- बनारस रेल इंजन कारखाना में दिनांक 10 मार्च, 2021 को 3000 एचपी केप गेज मोजांबिक को निर्यात हेतु 02 रेल इंजन को हरी झंडी दिखाकर केंद्रीय रेल, वाणिज्य और उद्योग और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री, श्री पीयूष गोयल एवं श्री जनेफर अब्दुलई परिवहन और संचार मंत्री, मोजाम्बिक सरकार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रवाना किया। उक्तग अवसर पर डॉ. महेंद्र नाथ पांडे, केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री, भारत सरकार, श्री मिगेल मातवेल, प्रेसिडेन्टी एवं चेयरमैन, सी.एफ.एम. बोर्ड, मोजांबिक, श्री राहुल छावड़ा, सचिव/ई.आर., विदेश मंत्रालय, श्री सुनीत शर्मा, चेयरमेन एवं सी.ई.ओ., रेलवे बोर्ड उपस्थित थे । वहीं बरेका के लोको असेम्बषली शॉप में आयोजित समारोह में अंजली गोयल, महाप्रबंधक, बरेका, श्री अनिल राजभर, मंत्री, उत्तथर प्रदेश सरकार, श्री सुरेन्द्रा नारायण सिंह, विधायक, रोहनिया, वाराणसी, श्री सौरभ श्रीवास्त व, विधायक, कैंट, वाराणसी, श्री लक्ष्म ण आचार्य, सदस्यन, विधान परिषद, वाराणसी, श्री आशुतोष सिन्हा , सदस्यो, विधान परिषद, वाराणसी के साथ ही बरेका के सभी प्रमुख विभागाध्यरक्ष, विभागाध्यनक्ष, अधिकारीगण, कर्मचारी परिषद सदस्यप एवं काफी संख्या में बरेका कर्मचारी उपस्थित थे ।

इस अवसर पर माननीय रेल मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की भावना के तहत, इन केप गेज डीजल लोको को भारत में निर्मित और भारत द्वारा वित्तपोषित किया गया है। यह बरेका का पहला AC-AC ट्रैक्शन सिस्टम 3000 HP, केप गेज लोको है । इन लोकोमोटिव की क्षमता 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से 2255 टन है। बरेका ने 14 महीनों के भीतर दो लोको की नई डिजाइन, खरीद और निर्माण किया है । इंजन का सबसे महत्वपूर्ण आइटम यानी क्रैंक-केस असेंबली बरेका में इन-हाउस तैयार किया है । भारतीय रेलवे का बरेका मल्टी ट्रेक मल्टी गेज सिस्टम के लिए, लोकोमोटिव और पुर्जों के अलावा, प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण और रखरखाव सहायता की निर्यात सेवाएं प्रदान कर सकता है।

मोज़ाम्बिक के लिए इंजनों के निर्यात से भारत-अफ्रीकी संबंध और निर्यात के माध्यम से आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा। भारतीय रेलवे 3000 HP HP गेज लोकोमोटिव के 6 लोकोमोटिव और 90 स्टेनलेस स्टील यात्री डिब्बों के कुल क्रम के हिस्से के रूप में 2 लोकोमोटिव के पहले बैच का निर्यात कर रहा है। इन लोकोमोटिव को मेक-इन-इंडिया के तहत बनारस लोकोमोटिव वर्क्स द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, इन्हें भारतीय रेलवे के पीएसयू, राइट्स लिमिटेड के माध्यम से निर्यात किया जा रहा है।

इस अवसर पर महेंद्र नाथ पान्डेगय, मंत्री, भारत सरकार ने कहा कि जुलाई 2016 में दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए माननीय पीएम की मोजांबिक यात्रा की यादों के बारे में याद किया गया। आज की घटना उसी दृष्टि का परिणाम है। प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण केवल भारत के लिए नहीं है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार के लिए अच्छी गुणवत्ता और लागत प्रभावी उत्पाद विकसित करना है। श्री पीयूष गोयल जी के नेतृत्व में, बरेका से बाहर निकले ये दो लोको माननीय पीएम के आत्मानिभर भारत की वास्तविक दृष्टि का एक उदाहरण है। यह भारत के कौशल कार्य बल का एक उदाहरण है।

महाप्रबंधक अंजली गोयल ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि को बरेका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कड़ी मेहनत एवं लगन का परिणाम बताया । उन्हों0ने बरेका द्वारा निर्मित इस रेल इंजन के तकनीकी फीचर को विस्ताणरपूर्वक बताते हुए कहा कि बनारस रेल इंजन कारखाना को वर्तमान वित्ती0य वर्ष में मोजांबिक सरकार से 3000 एचपी केप गेज के 06 अत्यााधुनिक तकनीक के रेल इंजनों का निर्यात आदेश प्राप्तत हुआ था । यह रेल इंजन अत्याेधुनिक तकनीक से युक्ती 12 सिलिंडर, 3000 अश्वा शक्ति केप गेज को-को डीजल विद्युत लोकोमोटिव है । इसमें एसी-एसी कर्षण प्रणाली, जिसकी भार क्षमता 120 टन, जो कम्यूडरन टर नियंत्रित ब्रेक प्रणाली (सीसीबी 2.0) है एवं शेष 04 रेल इंजन निर्माणाधीन है ।
बरेका/वाराणसी
कार्यालय: जन सम्पर्क
सं0: पी.आर./11/एन.पी.

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