दिल्ली :देशभर में इस समय कोरोनावायरस की दूसरी लहर का डर बना हुआ है. कई राज्यो में तेजी से कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं. मौजूदा समय में देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में कोरोना के सबसे बुरे हालात बने हुए हैं. दिल्ली इस समय उसी दौर से गुजर रही है जिस दौर से आर्थिक राजधानी कही जाने वाली माया नगरी मुंबई कोरोना वायरस के शुरुआती दौर से गुजर रही थी. हालांकि अब मुंबई में दिल्ली की अपेक्षा काफी कम कोरोना का संक्रमण है.माना जा रहा है कि इस समय दिल्ली में कोरोना की दूसरी लहर जारी है जिससे राज्य सरकार से लेकर केंद्र सरकार के मंत्री और अधिकारी बुरी तरह से परेशान हैं. देश में इस समय कई राज्यो में कोरोना के तेजी से मामले बढ़ रहे हैं और राज्य सरकारें इससे निपटने के लिए धीरे धीरे कदम बढ़ा रही हैं. कोरोना के प्रसार की वजह से कई राज्यो में स्कूल खोलने के फैसले को वापस ले लिया गया है तो कई जगहों पर कर्फ्यू और लॉकडाउन भी लगाया गया है. फिलहाल दिल्ली सरकार की तरफ से कहा गया है कि लॉकडाउन का अभी कोई विचार नहीं है लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो ज्यादा भीड़ भाड़ वाली जगहों पर पाबंदियां जरूर लगाई जा सकती है. इस बीच केजरीवाल सरकार की तरफ से कोरोना को रोकने के लिए एक बार फिर से कुछ सख्त कदम उठाए गए हैं. राज्य सरकार ने मास्क ने पहनने और सार्वजनिक स्थानों पर पान गुटखा खाकर थूकने पर 2000 रुपये तक फाइन लगाने का फैसला लिया है.
एक कार्यक्रम के दौरान केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन कोरोना का कोई कारगर उपाय नहीं है. लॉकडाउन की वजह से लोगों को आर्थिक हानि का सामना करना पड़ रहा है और अगर लॉकडाउन लगता है तो इसके खुलने के बाद फिर से कोरोना के मामले बढ़ जाएंगे इसलिए हमें हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की तरफ ध्यान देना चाहिए.
कोरोना अपडेट :कही कर्फ़्यू तो कही स्कूल बंद,क्या दिल्ली में फिर लग सकता है लाकडाउन?
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