जिलाधिकारी ने मास्को की कालाबाजारी को रोकने तथा जनसामान्य को आसानी से मास्क उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह को दी बड़ी जिम्मेदारी

0
0

अम्बेडकर नगर।

शासन द्वारा कोरोना जैसी महामारी से बचाव के लिए नागरिकों को बिना चेहरा ढके बाहर जाने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। जिलाधिकारी अंबेडकरनगर के द्वारा मास्को की कालाबाजारी को रोकने तथा जनसामान्य को आसानी से मास्क उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूह को बड़ी जिम्मेदारी दी है। मुख्य विकास अधिकारी के मार्गदर्शन में पूरा कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उपायुक्त आर बी यादव एवं उनकी टीम द्वारा पूरी मुस्तैदी से किया जा रहा है।
जनपद के 9 विकास खंडों के मुख्यालयों पर फुटकर बिक्री के लिए आउटलेट खोल दिए गए हैं जिन पर प्रातः 10:00 बजे से लेकर शाम 5:00 बजे तक बिक्री की जाती है। उपायुक्त एन आर एल एम आरबी यादव द्वारा बताया गया कि इन आउटलेट्स तथा सूती मास्कोके प्रचार प्रसार के लिए विभागों तथा संभ्रांत लोगों जानकारी देने के लिए उनके द्वारा स्वयं तथा उनके अधीनस्थ प्रोफेशनल द्वारा निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
इस क्रम में जिलामिशन प्रबंधक जितेंद्र यादव, हरेंद्र सिंह,आशीष गुप्ता द्वारा वन विभाग, शिक्षा विभाग, जिला कमांडेंट होमगार्ड, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के यहां मिलकर उन्हें मास्क का सैंपल देते हुए उसकी उपयोगिता के विषय में अवगत कराया गया।मास्क सामान्य जन को आसानी से मिल सके इसके लिए लॉक डाउन में जहां एक तरफ सभी लोग घर में कैद हैं वही समूह की दीदीया एवं उनकी बच्चियां दिन-रात मास्क बनाने में जुटी हुई है जनपद में अब तक 70360 से अधिक मास्क तैयार हो चुके हैं
आज स्वत: स्वरोजगार द्वारा विकासखंड जलालपुर एवं भियांव में मांस्क की बिक्री को प्रमोट करने के लिए समाज के जनप्रतिनिधियों से बात करके श्री सहेंद्र प्रताप बर्मा प्रमुख जलालपुर को 2500मास्क एवं श्रीमती संगीता यादव के प्रतिनिधि ब्लॉक प्रमुख को 2500 मास्क दिया । प्रमुख भीटी,तथा अकबरपुर को भी मोटीवेट कर मास्क बेचे गए।
विकासखंड जलालपुर की ग्राम पंचायत बड़ागांव में महिलाओं द्वारा मास्क बनाए जा रहे सेंटर का भ्रमण किया गया जिसमें आर बी.यादव उपायुक्त रोजगार,जिला मिशन प्रबंधक अतुल चौधरी एवं समस्त ब्लॉक मिशन प्रबंधक उपस्थित थे।
दो सिलाई केन्द्रों पर 5-5 दीदियां सिलाई कर रही है। उनके चेहरे पर जहां लॉक डाउन की अवधि में रोजगार पाने की खुशी थी वही कोरोना महामारी से लड़ने में सहयोग देकर उन्हें संतोष भी मिला था और गर्व महसूस हो रहा था।

In

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें