ग़ाज़ियाबाद :गाजियाबाद स्थित एमएमजी (सरकारी अस्पताल) के कुछ स्टाफ ने 1 अप्रैल यानी बुधवार को गाजियाबाद के मुख्य चिकित्साधीक्षक को अस्पताल स्टाफ की ओर से शिकायती पत्र लिखा था. एक समाचार एजेंसी के पास मौजूद पत्र के मुताबिक, “अस्पताल के आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कई जमाती मरीज स्टाफ और नर्सिंग स्टाफ के साथ बत्तीमीज से पेश आ रहे है.” इनमें कुछ जमाती और संदिग्ध कोरोना संक्रमित ऐसे भी हैं जो, नर्सिंग स्टाफ के सामने अधनंगी हालत में ही घूमना शुरू कर देते हैं. इतना ही नहीं वार्ड में मौजूद नर्सिंग स्टाफ के साथ हदें पार करते हुए अश्लील गाने तक गाने से बाज नहीं आ रहे हैं.बात महिला स्टाफ तक ही सीमित नहीं रही. इन जमातियों (दिल्ली की निजामुद्दीन बस्ती स्थित मरकज तबलीगी जमात मुख्यालय से लौटकर कोरोना संदिग्ध हुए) ने बेहूदगी की तमाम हदें तब पार कर दीं जब, वार्ड में मौजूद स्टाफ से यह लोग मादक पदार्थों मसलन तम्बाकू, बीड़ी सिगरेट तक की मांग करने लगे. इनकी हरकतों से चंद घंटों में ही आजिज आए स्टाफ ने, मामला जिला चिकित्सालय प्रमुख के संज्ञान में दिया. मामले की गंभीरता को समझते हुए अगले ही दिन (शिकायत मिलने के) यानि गुरुवार 2 अप्रैल 2020 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एमएमजी अस्पताल ने जिलाधिकारी, एसएसपी गाजियाबाद, जिला मुख्य चिकित्सा अधिकारी और थाना घंटाघर कोतवाली पुलिस के पास लिखित में भेज दिया.
इस बाबत एक समाचार एजेंसी ने गुरुवार रात गाजियाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी से बात की. एसएसपी के मुताबिक, “शिकायत मिली थी, आरोप गंभीर हैं, कोरोना जैसी महामारी हो या फिर कोई और वक्त. किसी के साथ भी कोई इस तरह की बत्तमीजी करेगा तो बर्दाश्त नहीं करुंगा. फिलहाल मामले की जांच एडीएम शैलेंद्र सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक मनीष मिश्रा संयुक्त रुप से कर रहे हैं. जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाये जायेंगे.
