विकासखंड फूलपुर के अंतर्गत यूरिया खाद को लेकर खूब हो रही है कालाबाजारी लेकिन इस पर शासन प्रशासन यूपी सरकार है चुप्पी साधी , इसपर शासन प्रशासन का कोई उचित कार्यवाही नहीं हो रही है न ही खाद व्यापारियों को इसका कोई डर है कि यदि शासन प्रशासन को इस कालाबाजारी की भनक पड़ जाए तो मेरा लाइसेंस भी जप्त हो सकता है लेकिन वही किसानो का कहना है कि शासन प्रशासन से लेकर व्यापारी तक मिलीभगत है खाद व्यापारी सीधे-सीधे यह कह रहे हैं कि हमें ऊपर से खाद नहीं मिल पा रही है और जिन व्यापारियों के पास खाद है भी वे मनमानी तरीके से पैसा वसूल रहे हैं और जबरन एक बोरी खाद के साथ दो पैकेट जिंक दे रहे हैं और कह रहे हैं की यह सप्लाई हमें ऊपर से ही आ रही है
किसान मजबूर होकर खाद ले रहे हैं इतना ही नहीं विकासखंड फूलपुर के कुछ खाद साधन सहकारी समिति पर खाद आयी हुयी हैं साधन सहकारी समिति के सचिव व सभापति मिलकर मनमानी तरीके से बेच रहे हैं जबकि सचिव व सभापति का कहना था की एक आधार कार्ड पर 2 बोरी खाद मिलेगी लेकिन किसी को एक बोरी और किसी को 5-7 बोरी भी दिए हैं यह कालाबाजारी सिर्फ और सिर्फ गरीब किसान के लिए किया जा रहा है क्योंकि गरीब किसान के पास ना तो सोर्स ना ही नहीं पैसा तो गरीब किसान करे तो करे क्या एक तरफ प्राइवेट रिटेलर किसान को तबाह कर रहे हैं तो दूसरी तरफ सरकारी समिति अब किसान का हाल दो पाटों के बीच पड़े दाने की तरह है जिससे किसान पूरी तरह मजबूर व बेबस हो चला है किसानों का कहना है कि एक तरफ प्रकृत आपदाएं तो दूसरी तरफ यूपी सरकार किसानों को मार डाल रही है अब गरीब किसान किस तरह अपना जीवन बसर करेगा विकासखंड फूलपुर के सजई अमनाबद के साधन सरकारी समिति पर सचिव व सभापति के द्वारा खाद्य वितरण को लेकर काफी उलटफेर व भेदभाव किया गया किसी को एक बोरी ₹280 में तो किसी को 2 बोरी ₹550 के रेट से दिए गए वही किसानो मे काफी आक्रोश दिखाई दिया, लेकिन सचिव रामआसरे यादव व सभापति उमाशंकर यादव के इस बरताव से लोगो ने भगदड़ व लडने झगड़ने का माहोल बना दिया किन्तु किसी तरह माहोल शान्त किया गया
आजमगढ़ ब्यूरो की रिपोर्ट
