अम्बेडकर नगर।
लोग कहते हैं इंसानियत नाम की कोई चीज नहीं है। दुनिया मतलबी है ये कहना बिल्कुल गलत है।
इसरार अहमद ब्यूरो चीफ केमास न्यूज़ अम्बेडकर नगर के पिता जी का इंतकाल 15/05/2020 को हो गया था और उसी दिन से उनकी पत्नी की तबियत काफ़ी खराब हो गयी प्राइवेट से लेकर सरकारी अस्पताल का चक्कर लगाता रहा लेकिन कोई उनकी पत्नी को भर्ती नही लिया क्योंकि उनके शरीर मे मात्र 3.4 mg ही खून बचा था सब जगह के डॉक्टरों ने जवाब दे दिया था और बोला गया कि कुछ ही घंटों की मेहमान हैं आपकी पत्नी , मैं तो सन्न रह गया। मेरे कुछ समझ में नही आ रहा था उधर पापा का इंतकाल इधर पत्नी की हालत सीरियस । आनन फानन में मैं फैज़ाबाद महिला अस्पताल में पूरे लिखा पढ़ी के साथ मेरे चाचा जी के लड़के यानी मेरे बड़े भैया एडवोकेट जुल्फिकार अहमद एवं एडवोकेट महमूद आलम की मदद से भर्ती कराया गया इस दुःख की घड़ी में ब्लड की अति आवश्यकता थी जिसमे 1यूनिट मेरे भैया एडवोकेट हाई कोर्ट लखनऊ जुल्फिकार अहमद और 1 यूनिट ब्लड मेरे दोस्त राम अवतार गुप्ता ने ब्लड दिया लेकिन मेरी पत्नी खतरे से बाहर नही हुई। यहाँ से भी लखनऊ मेडिकल कालेज के लिए रेफर बना दिया गया। लेकिन मैं डॉक्टर से और ब्लड देने के लिए कहा । मैं तुरंत जलालपुर विधानसभा के समाजवादी पार्टी के नि वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष मा आलोक सिंह यादव जी से सम्पर्क किया उन्होंने 2 घंटे के अंदर ब्लड की व्यवस्था कराकर मेरे पत्नी और मेरे बच्चे के ऊपर से उठने वाला माँ का साया उठने से बचा लिया समाज सेवी प्रदीप यादव ने आलोक सिंह यादव के कहने पर तत्काल ब्लड दिया । मैं और मेरा परिवार जिंदगी भर सभी लोगो का कर्जदार रहेगा। इस दुख की घड़ी में इसरार अहमद की पत्नी को बचाया है ईश्वर उनको लम्बी उमर दे और सबकी मदद करते रहें। मैं और मेरा पूरा परिवार तहे दिल से सभी लोगो का एवं ईश्वर का शुक्रिया अदा करता है।
