सरकार और उसके मुलाजिमों को केवल किसानों की जलती पराली से होते प्रदूषण ही दिखते हैं। किसानों के ऊपर जुर्माने भी लगाए जाते हैं। हाइवे पर चलते सरकारी और गैर सरकारी वाहनों के साइलेंसर से निकलते कालिख युक्त धुंवे के बारे में सरकार और मुलाजिमों को कोई खबर ही नहीं होती। हाइवे, नेशनल हाइवे या लिंक रोडों पर रोजाना ऐसे वाहन दिखाई देते हैं जो भारी मात्रा में अत्यधिक कालिख युक्त धुवें को पर्यावरण में विसर्जित कर रहे हैं लेकिन विभाग मौन है इन वाहनों पर कोई अंकुश नहीं है। शहरों में इन्ही कारणों से प्रदूषण की भयावह स्थिति बनती जा रही है। आज आजमगढ जिले के मोहम्मदपुर हाइवे पर जान बचाने वाली स्वास्थ्य एम्बुलेंस बीमारी के कारक धूवें को फैलती नजर आई।
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