वाराणसी, – काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के लिए पीएचडी प्रवेश प्रक्रिया में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने द्वितीय चरण की प्रवेश प्रक्रिया आरंभ करने की घोषणा की है। पहले चरण के उपरांत बची हुई रिक्त सीटों को भरने हेतु विश्वविद्यालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) से आग्रह किया था, जिसे अब स्वीकृति प्राप्त हो गई है।
यूजीसी से अनुमति मिलने के बाद अब RET मुक्त श्रेणी की रिक्त सीटों को RET श्रेणी में हस्तांतरित किया जाएगा, जिससे प्रतीक्षा सूची में शामिल योग्य अभ्यर्थियों को प्रवेश का अवसर मिल सकेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि उनका प्रयास है कि कोई भी सीट रिक्त न रह जाए और योग्य शोधार्थियों को विश्वविद्यालय में अध्ययन एवं शोध का अवसर प्राप्त हो।
इस निर्णय के पीछे जौनपुर की मछलीशहर विधानसभा से विधायक डॉ. रागिनी सोनकर की सक्रिय भूमिका रही। उन्होंने सबसे पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इस विषय पर ध्यान आकर्षित किया, तत्पश्चात दो बार धरना स्थल पर पहुँचकर छात्रों की मांगों का समर्थन किया। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति को भी पत्र लिखा और स्वयं यूजीसी अध्यक्ष व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर दलित छात्रों के साथ हो रहे अन्याय की शिकायत की।
डॉ. सोनकर की इस पहल से न केवल दर्जनों शोधार्थियों को नया अवसर मिला है, बल्कि विश्वविद्यालय के पठन-पाठन और शोध के माहौल को भी मजबूती मिलेगी। विद्यार्थियों एवं शैक्षिक जगत में इस निर्णय का स्वागत किया जा रहा है।