मुंबई :महाराष्ट्र में एक ही दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सर्वाधिक 57,074 नए मामले सामने आए हैं. ये पहली बार है जब महाराष्ट्र में कोरोना के इतने ज्यादा मामले सामने आए हैं. इसी के साथ रविवार को कोरोना से 222 मरीजों की मौत हुई. ये जानकारी राज्य स्वास्थ्य विभाग ने दी
नाइट कर्फ्यू से लेकर वीकेंड लॉकडाउन कई पाबंदियां लगाई गईं
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों को देखते हुए सप्ताहांत में शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लागू करने की रविवार को घोषणा की. साथ ही, सोमवार से 30 अप्रैल तक रात्रिकालीन कर्फ्यू लागू करने की भी घोषणा की.
इसके अलावा कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के मद्देनजर निजी कार्यालय, थियेटर और सैलून आदि बंद रखने जैसी कड़ी पाबंदियां भी लागू रहेंगी. मुख्यमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा कि सप्ताहांत में शुक्रवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक लॉकडाउन लागू रहेगा. इसके अलावा, सप्ताह के सभी दिनों में दिन के वक्त धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की जाएगी.
बयान के मुताबिक, आवश्यक सेवाओं से जुड़ी दुकानों, मेडिकल स्टोर एवं किराना दुकानों के अलावा सभी अन्य दुकानें, बाजार और शॉपिंग मॉल 30 अप्रैल तक बंद रहेंगे. ये सभी नए प्रतिबंध सोमवार रात आठ बजे से प्रभावी होंगे.
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की अध्यक्षता में रविवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई मंत्रिमंडल की विशेष बैठक के दौरान इन सभी प्रतिबंधों को लागू करने का निर्णय लिया गया.
बयान के मुताबिक, बैंकिंग, शेयर बाजार, बीमा, दवा, टेलीकम्युनिकेशन और मेडिक्लेम क्षेत्र को छोड़कर इन प्रतिबंधों के तहत सभी निजी कार्यालय बंद रहेंगे. निजी कार्यालयों के लिए ‘घर से काम’(वर्क फ्रॉम होम) लागू करना अनिवार्य है. हालांकि, स्थानीय आपदा प्रबंधन, बिजली विभाग और जलापूर्ति से जुड़े कार्यालयों को प्रतिबंधों से छूट रहेगी.
इसके मुताबिक, कोविड-19 प्रबंधन से जुड़े विभागों को छोड़कर बाकी सभी सरकारी दफ्तरों को क्षमता से 50 प्रतिशत से ही काम करने की इजाजत होगी. साथ ही आंगतुकों को सरकारी कार्यालयों में प्रवेश की इजाजत नहीं दी जाएगी. हालांकि, आवश्यक सेवाओं को रात्रिकालीन कर्फ्यू में छूट दी गई है.
बयान में कहा गया कि पार्क, बीच (समुद्र तट) एवं सभी सार्वजनिक स्थल रात आठ बजे से सुबह सात बजे तक बंद रहेंगे. अगर स्थानीय प्रशासन को लगता है कि दिन के समय में इन स्थानों पर भीड़ एकत्र हो रही है तो इन्हें बंद रखा जा सकता है.
