सुल्तानपुर
विकासखंड अखंडनगर के अलीपुर ग्राम सभा के लोसढ़ा गांव में सोमवार साम को आए भारी आंधी-तूफान और प्राकृतिक आपदा के कारण भारी तबाही देखने को मिली है। क्षेत्र में पेड़ों के धराशायी होने से गरीब परिवारों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
गांव निवासी रामकली पत्नी राधेश्याम मौर्य के घर के पास दर्दनाक हादसा हुआ, जहां उनके पांच जानवर एक पेड़ के नीचे बंधे हुए थे। अचानक पेड़ गिरने से एक भैंस दबकर मौके पर ही मर गई, जबकि अन्य जानवरों को गंभीर चोटें आई हैं। गनीमत यह रही कि मौके पर मौजूद दो छोटे बच्चे जानवर के समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटनास्थल के आसपास कुल सात पेड़ गिरे हुए हैं, जिससे स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है।
प्रशासन की बेपरवाही से ग्रामीणों में रोष
घटना के तुरंत बाद स्थानीय पशु चिकित्सा विभाग (अखंडनगर) को सूचना दी गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक मौके पर कोई भी पशु चिकित्सक नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। हालांकि, गांव के लोग खुद एकजुट होकर राहत कार्य में जुट गए हैं। ग्रामीणों द्वारा गिरे हुए पेड़ों को काटकर हटाया जा रहा है, ताकि मलबे में दबी हुई मृत भैंस को बाहर निकाला जा सके।
अन्य परिवारों का भी हुआ भारी नुकसान
इस आपदा की चपेट में आने से रामकली के अलावा उनके पड़ोसियों को भी भारी क्षति पहुंची है:
पूनम देवी पत्नी भारतनाथ: इनका पशु आश्रय (सार) पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है, जिसके मलबे के नीचे एक मोटरसाइकिल भी दब गई है। गनीमत रही कि उनके सभी जानवर सुरक्षित बच गए।
ज्ञानमती पत्नी पारसनाथ: इनका पशु आश्रय भी तूफान की भेंट चढ़ गया और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हालांकि, इनके भी सभी जानवर सुरक्षित हैं।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि इस प्राकृतिक आपदा से प्रभावित गरीब परिवारों का जल्द से जल्द सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि इन बेसहारा परिवारों को इस मुश्किल घड़ी में कुछ राहत मिल सके।



















