परिजनों से मिलकर हरसंभव मदद का भरोसा, बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई को लेकर भी किया संवाद
सुलतानपुर
शिक्षक दंपती हत्याकांड के बाद शनिवार को जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह घटना के छठवें दिन कुंभी डडिया गांव पहुंचे। करीब 45 मिनट तक गांव में रहकर उन्होंने मृतक प्रधानाचार्य मुकेश सिंह के परिजनों, विद्यालय स्टाफ और छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से बातचीत की। डीएम ने पीड़ित परिवार को प्रशासन की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
शाम करीब 4:45 बजे गांव पहुंचे जिलाधिकारी ने सबसे पहले मृतक के भाई और बुजुर्ग परिजनों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने परिवार की स्थिति और आवश्यकताओं की जानकारी लेते हुए भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनके साथ है और जरूरत के अनुसार हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इसके बाद जिलाधिकारी विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से संवाद किया। अभिभावकों ने विद्यालय को जल्द शुरू कराने के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंताएं जिलाधिकारी के समक्ष रखीं। डीएम ने उनकी बात गंभीरता से सुनी और विद्यालय के सुरक्षित एवं सामान्य संचालन को लेकर जानकारी ली।
स्टाफ से अलग-अलग की बातचीत
जिलाधिकारी ने विद्यालय के महिला और पुरुष स्टाफ से भी अलग-अलग बातचीत की। उन्होंने घटना के बाद विद्यालय की स्थिति, कर्मचारियों की चिंताओं और विद्यार्थियों से जुड़े विषयों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने मृतक के बेटे से भी एकांत में बातचीत कर परिवार की स्थिति और उसकी जरूरतों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
इस दौरान विद्यालय से जुड़े लोगों ने घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। अभिभावकों ने बच्चों के बीच व्याप्त भय को दूर करने और विद्यालय परिसर में सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई।
बोर्ड परीक्षाओं को लेकर भी जताई चिंता
छात्र-छात्राओं, विशेषकर बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता है। अभिभावकों ने विद्यालय का संचालन जल्द शुरू कराने और बच्चों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने की मांग की। जिलाधिकारी ने उनकी बात सुनी और आवश्यक स्तर पर सहयोग का भरोसा दिलाया।
शिक्षक दंपती हत्याकांड की पुलिस जांच जारी है। घटना के बाद प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार के साथ संवाद बनाए रखने के साथ विद्यालय से जुड़े विद्यार्थियों और स्टाफ में सुरक्षा का भरोसा कायम करने पर जोर दिया जा रहा है। डीएम के गांव पहुंचकर परिजनों और विद्यालय से जुड़े लोगों से सीधे संवाद करने को स्थानीय लोगों ने प्रशासन की संवेदनशील पहल के रूप में देखा।

















