रामनगर/ अम्बेडकरनगर
रामनगर ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धनुकारा में विकास कार्यों में भारी भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने ग्राम प्रधान पर आरोप लगाया है कि इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण में नियमों को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है। बिना टुकड़ी (गिट्टी व बालू की मजबूत परत) डाले ही सीधे इंटरलॉकिंग ईंटें बिछाई जा रही हैं, जिससे सड़क की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।ग्रामीणों के अनुसार इससे पहले भी पंचायत में इंटरलॉकिंग सड़क का निर्माण कराया गया था, जो कुछ ही दिनों में टूटकर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। बावजूद इसके दोबारा उसी तरह का घटिया कार्य कराया जा रहा है।बताया जा रहा है कि एक इंटरलॉकिंग ईंट की लागत लगभग 27.14 रुपये निर्धारित है। इतनी महंगी सामग्री के बावजूद गुणवत्ता से समझौता कर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। कागजों में मजबूत निर्माण दिखाकर भुगतान कराया जा रहा है, जबकि जमीनी हकीकत बिल्कुल अलग है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि सिर्फ इंटरलॉकिंग ही नहीं, बल्कि ग्राम पंचायत में चल रही कई अन्य विकास योजनाओं को भी सही तरीके से अमलीजामा नहीं पहनाया गया। विकास के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर लाखों रुपये की सरकारी राशि हजम की जा रही है।ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से मांग की है कि ग्राम पंचायत धनुकारा में कराए गए सभी विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में इस तरह के भ्रष्टाचार पर रोक लग सके।








