अंबेडकरनगर। आलापुर तहसील क्षेत्र के धनुकारा गांव में भूमि विवाद से परेशान एक अनुसूचित जाति की असहाय विधवा महिला ने न्याय न मिलने पर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है। महिला ने उपजिलाधिकारी आलापुर पर उत्पीड़नात्मक रवैये तथा ग्राम प्रधान पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। धनुकारा गांव निवासिनी सरिता पत्नी स्वर्गीय राम मिलन ने महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित दर्जनभर से अधिक उच्चाधिकारियों को ऑनलाइन एवं ऑफलाइन शिकायती पत्र भेजकर अपनी समस्या के निस्तारण की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि न्याय नहीं मिला तो उन्हें इच्छा मृत्यु की अनुमति प्रदान की जाए। खतौनी शुदा भूमि पर जबरन इंटरलॉकिंग का आरोप पीड़िता के अनुसार उसकी खतौनी शुदा भूमि गाटा संख्या 411 पर जबरन सात फीट चौड़ाई में इंटरलॉकिंग सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जबकि राजस्व अभिलेखों में उक्त भूमि पर किसी रास्ते का उल्लेख नहीं है। बताया गया है कि संबंधित भूखंड को लेकर सिविल जज जूनियर डिवीजन न्यायालय में सरिता बनाम सुनील यादव वाद विचाराधीन है। इसके अतिरिक्त सीमांकन संबंधी प्रकरण उपजिलाधिकारी आलापुर न्यायालय में भी लंबित है। पीड़िता का आरोप है कि बिना सीमांकन, बिना वित्तीय स्वीकृति एवं बिना टेंडर प्रक्रिया पूर्ण किए ग्राम प्रधान अनिल कुमार यादव एवं उनके भाई सुनील कुमार यादव द्वारा दबाव बनाकर इंटरलॉकिंग कार्य कराया जा रहा है। साथ ही घर ढहाने की धमकी भी दी जा रही है।पूर्व में 3.5 फीट खंडजा, अब 7 फीट निर्माण का प्रयास शिकायत में कहा गया है कि पहले मात्र 3.5 फीट चौड़ाई में खंडजा मार्ग था, किंतु अब उसी के ऊपर सात फीट चौड़ाई में निर्माण कर उसकी निजी भूमि को प्रभावित किया जा रहा है, जिससे पूरा परिवार मानसिक तनाव में है।पीड़िता ने स्पष्ट किया है कि यदि उसकी भूमि की सुरक्षा एवं न्याय सुनिश्चित नहीं किया गया, तो उसे इच्छा मृत्यु की अनुमति दी जाए। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है, जबकि प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
भूमि विवाद से आहत दलित विधवा महिला ने मांगी इच्छा मृत्यु की अनुमति
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