UP: उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ समय से समाने आ रहे शिक्षकों की भर्ती घोटाले के मामले के बाद एक बड़ा कदम उठाया है. अब राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों की जांच की जाएगी. इसके लिए हर जिले में एक टीम गठित की जाएगी. यूपी शासन ने हर जनपद के डीएम को इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं.उ.प्र. की अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों की जांच करने के आदेश दिए हैं। शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों व शिक्षकों के भौतिक सत्यापन के लिए हर जनपद में टीम गठित होगी। उत्तर प्रदेश की की अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र लिखकर राज्य के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, निजी सहायता प्राप्त विद्यालयों में नियुक्त शिक्षकों की जांच करने के आदेश दिए हैं. शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेजों व शिक्षकों के भौतिक सत्यापन के लिए हर जनपद में टीम गठित होगी.
बता दें कि उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी को लेकर अनामिका शुक्ला का मामला आने के बाद से देवरिया जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एक महिला शिक्षिका को अरेस्ट किया गया है. वहीं, एक और फर्जीबाड़ा में एक के दस्तावेजों पर तीन महिलाएं नौकरी करती पाईं गईं. इसी तरह दो दीप्ति सिंह के बारे में मैनपुरी में एक कस्तूरबा गांधी विदयालय में अध्यापिका है और दूसरी वहां समनव्यक है. दीप्ति नाम की महिला के कागजों-प्रमाणपत्रों (दस्तावेजों) के सहारे तीन अध्यापकों को कस्तूरबा गांधी विद्यालय में नौकरी मिली है. स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, जौनपुर में जिस दीप्ति का खुलासा हुआ है वह पुष्पेंद्र की कथित प्रेमिका है.
उत्तर प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों, कालेजों और स्कूलों के शिक्षकों की नियुक्तियों की होगी हो जाँच
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