मुसहर बस्ती में वर्दी ने बाँटे रंग और होली का दिया संदेश, बच्चों के चेहरे पर दिखी विश्वास और मुस्कान

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सुल्तानपुर

 

होली का त्यौहार केवल रंगों का नहीं, बल्कि अपनत्व और संवेदना का भी पर्व है। इसी संदेश को जीवंत करते हुए राहुलनगर चौकी इंचार्ज कन्हैया पाण्डेय ने मुसहर बस्ती में पहुँचकर जरूरतमंद बच्चों और परिवारों के बीच अबीर-गुलाल, पिचकारी, रिफाइन तेल, चीनी, चिप्स आदि का वितरण किया और “हैप्पी होली” कहकर उनके चेहरे पर सच्ची मुस्कान बिखेर दी।

बस्ती में जैसे ही वर्दी की गाड़ी पहुँची, बच्चों में उत्साह की लहर दौड़ पड़ी। “कन्हैया भैया आ गए…!” की आवाज गूंज उठी। कोई सलामी ठोककर पास आया, कोई लिपट गया तो कोई उत्सुकता से पूछ बैठा “क्या लाए हैं कन्हैया भैया?” महिलाओं और बुजुर्गों ने नमस्ते कर आशीर्वाद दिया। यह दृश्य केवल वितरण का नहीं, बल्कि विश्वास और आत्मीयता का था।

कन्हैया पाण्डेय ने बच्चों को अबीर-गुलाल और पिचकारी देते हुए कहा कि होली का असली रंग प्रेम और सद्भाव है। जरूरतमंद परिवारों को रसोई की आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराकर उन्होंने यह संदेश भी दिया कि त्योहार तभी सार्थक है, जब हर घर में चूल्हा जले और हर चेहरे पर मुस्कान हो।

*पहले भी निभाते रहे हैं संवेदनशील भूमिका*

यह पहला अवसर नहीं है जब चौकी इंचार्ज ने इस प्रकार का मानवीय कार्य किया हो। इससे पूर्व भी वे जाड़े में कंबल वितरण, बरसात में राहत सामग्री, तथा अन्य विशेष अवसरों पर जरूरतमंदों को आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराते रहे हैं। समय-समय पर उनके इन प्रयासों की सराहना स्थानीय स्तर पर होती रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वर्दी केवल कानून लागू करने तक सीमित न रहकर समाज के सुख-दुख में सहभागी बनती है, तो पुलिस के प्रति जनविश्वास स्वतः प्रगाढ़ होता है। मुसहर बस्ती के एक बुजुर्ग ने कहा, “अब हमें पुलिस से डर नहीं लगता, भरोसा होता है कि हमारे बीच अपने लोग हैं।”

*पुलिस की बदलती छवि का सशक्त उदाहरण*

समाज में पुलिस की छवि को लेकर प्रायः मिश्रित धारणाएं देखने को मिलती हैं, किंतु ऐसे मानवीय प्रयास उस छवि को सकारात्मक दिशा देते हैं। जब वर्दी जरूरतमंदों के त्योहार में रंग भरती है, तो वह केवल कर्तव्य नहीं निभाती, बल्कि संबंधों की नई इबारत लिखती है।

राहुलनगर क्षेत्र में कन्हैया पाण्डेय की यह पहल न केवल प्रशंसनीय है, बल्कि अन्य वर्दीधारियों के लिए भी प्रेरणा है कि कानून-व्यवस्था के साथ-साथ सामाजिक संवेदनशीलता भी पुलिस की पहचान बने।

होली के इस अवसर पर मुसहर बस्ती में बिखरे रंगों ने यह संदेश दिया कि विश्वास का रंग सबसे गहरा होता है और जब वर्दी उस रंग में रंगती है, तो समाज का मन भी श्रद्धा और सम्मान से भर उठता है।

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