सुल्तानपुर
अखंड नगर में स्वास्थ्य सेवाओं के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर प्रशासन ने आखिरकार शिकंजा कस दिया है। नोडल अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता के सख्त आदेशों के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) अखंड नगर की एक विशेष जांच टीम ने क्षेत्र के कई निजी अस्पतालों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई से अवैध और मानकविहीन अस्पताल संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जांच टीम ने कसी कमर
CHC अधीक्षक सत्येंद्र सिंह के नेतृत्व में गठित इस विशेष टीम में हेल्थ एजुकेशन ऑफिसर (HEO) नंदलाल यादव और चीफ फार्मासिस्ट शीतला प्रसाद वर्मा शामिल रहे। टीम ने ताबड़तोड़ छापेमारी करते हुए निम्नलिखित अस्पतालों की जमीनी हकीकत टटोली:
आर.एस. जीवन हॉस्पिटल (भेलारा)
एन.के. हॉस्पिटल (भेलारा)
मंगलम हॉस्पिटल (अखंड नगर)
कागजों में उलझे मिले एन.के. और मंगलम अस्पताल
निरीक्षण के दौरान भेलारा स्थित आर.एस. जीवन हॉस्पिटल की स्थिति और दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। वहीं, एन.के. हॉस्पिटल और मंगलम हॉस्पिटल के पास पंजीकरण (Registration) से संबंधित कागजात तो मिले, लेकिन वे प्रथम दृष्टया स्पष्ट और वैध प्रतीत नहीं हुए। अस्पताल प्रबंधन टीम के सामने अपने वैध दस्तावेजों का पूरा और संतोषजनक ब्यौरा पेश करने में असमर्थ नजर आया।
तीन दिन की अल्टीमेटम अवधि
मामले की गंभीरता को देखते हुए CHC अधीक्षक सत्येंद्र सिंह ने एन.के. और मंगलम हॉस्पिटल के संचालकों को कड़ी चेतावनी दी है। प्रशासन ने उन्हें तीन दिन का समय दिया है:
दस्तावेज प्रस्तुत करें: तय अवधि के भीतर सभी मूल और वैध पंजीकरण दस्तावेज CHC कार्यालय में लाकर सत्यापित कराने होंगे।
कार्रवाई की चेतावनी: यदि तीन दिनों के भीतर कागजात स्पष्ट रूप से नहीं दिखाए गए, तो दोनों अस्पतालों को नियमानुसार तत्काल प्रभाव से सील कर दिया जाएगा और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन की इस मुस्तैदी से यह साफ हो गया है कि क्षेत्र में बिना मानक या अवैध रूप से मरीजों की जान से खिलवाड़ करने वाले अस्पतालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।


















