Azamgarh:फरिहा निर्दई चौकी इंचार्ज ने हैदराबाद से पैदल आ रहे मजदूरों को फरिहा पुलिस बूथ से भगाया, पैदल आ रहे मजदूर ने फरिहा पुलिस बूथ पर रुके कुछ आराम करने के लिए लेकिन बूथ पर ड्यूटी कर रहे जवानों ने रुक कर आराम भी नहीं करने दिया वहीं पर रेलवे क्रॉसिंग के पास समाजसेवी डॉ इरफान अहमद ने सभी को रोककर लाई और बिस्किट पानी पीने की वस्तुएं देखकर मानवता दिखाई् हैदराबाद से पैदल चलकर गोरखपुर जा रहे 21 मज़दूर भूख प्यास से तड़पते हुए 10 दिन बाद फरिहा बाजार पहुँचे डॉक्टर इरफान अहमद ने खाने पीने की व्यवस्था किया लेकिन पुलिस प्रशासन का सहयोग न मिलने के कारण मजदूरों ने मजबूर होकर गंतव्य के लिए पैदल ही निकल पड़े जानकारी के मुताबिक गोरखपुर थाना कप्तान गंज के आस पास के रहने वाले 21 मजदूर हैदराबाद, तेलंगाना, में रहकर फर्नीचर पेंटिंग का कार्य करते थे लाक डाउन बढ़ने की वजह से पास में रखा रुपया पैसा सब खत्म हो गया इसके बाद मालिक ने खाने की व्यवस्था भी नहीं दे रहा था जिस पर सभी मजदूरों ने तय किया कि पैदल ही चल कर घर पहुंचा जायेगा 10 दिन पूर्ण होने के बाद आज फरिहा बाजार4.30 पहुँचे सभी मजदूरों को क्षेत्र के डाॅक्टर इरफान अहमद ने खाने पीने की समुचित व्यवस्था किये लेकिन वहीं पुलिस प्रशासन की मदद न मिलने के कारण पुनः मजदूरों ने गंतव्य के लिए पैदल ही चल दिए पंकज कुमार दीपक कुमार अरविंद नीरज सहित इक्कीस अन्य लोग थे ।
फरिहा चौकी इंचार्ज ने हैदराबाद से पैदल आ रहे प्रवासी मजदूरों को फरिहा पुलिस बूथ से भगाया
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