फर्जी’ मुकदमे में फंसाने का आरोप, पत्रकार ने डीआईजी से लगाई गुहार आजमगढ़

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आजमगढ़। अहरौला थाना क्षेत्र के निजामपुर निवासी एक पत्रकार चंद्रेश कुमार ने स्थानीय पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का आरोप है कि गांव के कुछ दबंग व्यक्तियों के प्रभाव में आकर पुलिस ने उन पर और उनके परिवार पर फर्जी तरीके से मुकदमा (नंबर 0050/26) दर्ज कर लिया है। न्याय की गुहार लगाते हुए उन्होंने आज डीआईजी आजमगढ़ को प्रार्थना पत्र देकर मामले की निष्पक्ष जांच और एफआईआर निरस्त करने की मांग की है।

*क्या है पूरा मामला?*
पत्रकार चंद्रेश कुमार ने अपने शिकायती पत्र में बताया कि 5 जनवरी 2026 को गांव के ही कुछ लोगों ने उनके परिजनों के साथ मारपीट की थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद, 1 मार्च 2026 की रात को भी उक्त लोगों ने उनके घर आकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी।

पीड़ित का आरोप है कि प्रभावशाली व्यक्तियों के दबाव में पुलिस ने उनकी शिकायत सुनने के बजाय उन्हीं पर उल्टा मुकदमा दर्ज कर लिया। पीड़ित ने अहरौला थाना अध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा और दरोगा श्याम कुमार दुबे पर पक्षपाती रवैया अपनाने का आरोप लगाया है।

*”पुलिस-दबंगों की साठगांठ से दहशतमय हुआ जीवन”*
चंद्रेश कुमार ने आरोप लगाया है कि विपक्षियों द्वारा उन्हें बार-बार धमकियां दी जा रही हैं और कहा जा रहा है कि उनके पास पैसा है, इसलिए पुलिस उन्हीं के पक्ष में रिपोर्ट दर्ज करेगी। इस ‘फर्जी’ मुकदमे के कारण पीड़ित का पूरा परिवार मानसिक प्रताड़ना और दहशत के साये में जीने को मजबूर है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनके या उनके परिवार के साथ कोई अनहोनी होती है, तो उसके जिम्मेदार विपक्षी ही होंगे।

*उच्च स्तरीय जांच और निष्पक्षता की मांग*
पत्रकार चंद्रेश कुमार ने डीआईजी से मांग की है कि उक्त मुकदमे की निष्पक्ष जांच कराई जाए और इसे अविलंब निरस्त किया जाए ताकि एक निर्दोष पत्रकार को न्याय मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला, तो वे लोकायुक्त के पास जाने के लिए विवश होंगे

सोनू कुमार ब्यूरो चीफ की रिपोर्ट

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