हैरान करने वाला सफ़र :महाराष्ट्र से यूपी की राजधानी लखनऊ के लिए सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर में सफ़र कर रहे थे मज़दूर

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मुंबई :मजदूर किसी भी तरह से अपने घर पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं. महाराष्ट्र से यूपी की राजधानी लखनऊ जाने के लिए मजदूरों ने अपनी जान तक जोखिम में डाल ली. मजदूर सीमेंट-कंक्रीट मिक्सर वाले चार पहिया वाहन में घुस गए. इस वाहन में सिर्फ एक शख्स के ही घुसने की जगह होती है. घुटन भी हो सकती थी, लेकिन मजदूरों ने इसकी परवाह नहीं की. इंदौर से गुजर रहे इस वाहन को पुलिस ने रोका. शक होने पर झांक कर देखा तो 18 मजदूर अन्दर बैठे हुए थे. मजदूरों को चिकित्सा जांच के बाद शेल्टर होम भेजा गया है, जबकि वाहन के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.यातायात पुलिस के सूबेदार (उपनिरीक्षक स्तर का पुलिस अधिकारी) अमित कुमार यादव ने बताया कि इंदौर शहर से करीब 35 किलोमीटर दूर पंथ पिपलई गांव में नियमित जांच के दौरान सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर वाले ट्रक को रोका गया. उन्होंने बताया, “संदेह होने पर जब हमने सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर के खुले ढक्कन से झांक कर देखा, तो इसमें एक साथ 18 लोगों को पाकर हमारी आंखें खुली की खुली रह गयीं. इनमें 14 प्रवासी मजदूर और ट्रक मालिक के चार कर्मचारी शामिल हैं.’ यादव ने बताया, “शुरूआती पूछताछ में मजदूरों ने बताया कि वे मूलत: उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं और लॉकडाउन के चलते महाराष्ट्र में कल-कारखाने बंद होने के चलते उनके सामने पिछले कई दिन से आजीविका का संकट था. इसलिये वे किसी भी तरह लखनऊ पहुंचना चाहते थे.सूबेदार ने बताया कि मजदूरों के मुताबिक वे सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर में छिपकर शुक्रवार को महाराष्ट्र से रवाना हुए थे. गौरतलब है कि शुक्रवार को देशदुनिया में मजदूर दिवस मनाया गया था. यादव ने बताया कि मजदूरों को फिलहाल आश्रय स्थल में भेजा गया है. डॉक्टरों की टीम बुलाकर उनके स्वास्थ्य की जांच करायी जा रही है. उन्हें उत्तर प्रदेश भेजने के लिये बस की व्यवस्था भी की जा रही है.
पुलिस अधिकारी ने बताया कि लॉकडाउन का उल्लंघन कर मजदूरों को ले जा रहे वाहन को जब्त करते हुए इसके चालक पर संबद्ध धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गयी है. इस बीच, मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है जिसमें प्रवासी मजदूर पुलिस के कहने पर सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर के छोटे-से ढक्कन से सिलसिलेवार तौर पर बाहर निकलते दिखायी दे रहे हैं. चश्मदीदों का कहना है कि मजदूरों को बाहर निकलते देख सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि सीमेंट-कांक्रीट मिक्सर में छिपकर बैठने के दौरान उन्हें कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा होगा

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