निजी स्कूलों की लूट पर आर-पार की लड़ाई, अब नहीं चलेगी मनमानी : अभिषेक सिंह राणा
सुल्तानपुर
जनपद में निजी विद्यालयों की बेलगाम मनमानी और अभिभावकों के आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और जोरदार नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसियों का गुस्सा साफ तौर पर फूटा। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा।
शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। इस मौके पर फिरोज अहमद, निकलेस सरोज,राहुल त्रिपाठी, रणजीत सिंह सलूजा,ओम प्रकाश सिंह,मानस तिवारी,राजेश तिवारी,वरुण मिश्र,नंदलाल मौर्य,राम भवन पाण्डेय,जमींदार यादव,सलाहुद्दीन हाशमी,ममनून आलम,सुब्रत सिंह,इश्तियाक अहमद,मो अनवर,हाफिज जहांगीर,मो मंसूर, इमरान अहमद,देवेंद्र तिवारी,समीर मिश्र,मोहित तिवारी, रियाज अहमद,सुरेश चंद्र मिश्रा,मो अतीक,हामिद राईन,राम किशोर, गुड्डू जायसवाल,जाकिर हसन, हौसिला कनौजिया,अम्बरीस पाठक,जनार्दन शुक्ला,हाजी फिरोज,राम शरण गौतम,मोहसिन सलीम,दिनेश तिवारी,मनीष तिवारी,राघव राम,सूरज कुमार,जनेश्वर उपाध्याय, अखंड मिश्रा,विकास पाण्डेय,आदर्श मिश्रा,प्रियम पाठक,चौथीराम,अजय मिश्रा समेत सैकड़ों लोग मौजूद रहे ।



















