अंबेडकर नगर* l पत्रकार समाज कल्याण सेवा समिति के संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट हरिमोहन दुबे ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एवं केंद्र की मोदी सरकार से गंभीर अपील करते हुए कहा है कि प्रदेश में पत्रकारों के खिलाफ बढ़ते फर्जी मुकदमों और प्रशासनिक उत्पीड़न पर तत्काल रोक लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय पुलिस और कुछ भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत से पत्रकारों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है।दुबे ने कहा कि जो पत्रकार निष्पक्ष रूप से भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और प्रशासनिक खामियों को उजागर करते हैं, उन्हीं के खिलाफ साजिश के तहत फर्जी मुकदमे दर्ज कर दिए जाते हैं। इससे न केवल पत्रकारों का मनोबल गिरता है, बल्कि लोकतंत्र का चौथा स्तंभ भी कमजोर होता है। उन्होंने कहा कि सच्चाई दिखाने की सजा पत्रकारों को झूठे मामलों में फंसाकर दी जा रही है, जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।उन्होंने यह भी कहा कि कई मामलों में देखा गया है कि बिना उचित जांच के ही पत्रकारों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर दिया जाता है। स्थानीय थाना अध्यक्ष और संबंधित अधिकारी अपनी मनमानी करते हुए दबाव में आकर या स्वार्थवश ऐसे कदम उठा रहे हैं। इससे स्पष्ट होता है कि कानून का दुरुपयोग हो रहा है और निष्पक्षता की भावना समाप्त होती जा रही है।हरिमोहन दुबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि ऐसे मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो पत्रकार समाज कल्याण सेवा समिति पूरे प्रदेश और देश स्तर पर जनआंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है। यदि पत्रकार ही सुरक्षित नहीं रहेंगे, तो आम जनता की आवाज कौन उठाएगा। इसलिए सरकार को इस गंभीर विषय पर तुरंत संज्ञान लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।अंत में दुबे ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि पत्रकारों के उत्पीड़न का यह सिलसिला नहीं रुका तो संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करेगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
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