आजमगढ़/ विकास खण्ड फूलपुर के अन्तर्गत मानपुर गांव में मीडियाकर्मियों को देखते ही छलक आई गरीबों की आंखे|
सुनिये विडियो साहब फूलपुर अगर आपको मानपुर गांव में घुमा दिया जाय तो दिल पसीज ही उठेगा|
अगर आपको बदहाली बेबसी की परिभाषा ना पता हो तो एक बार मानपुर गांव में गरीबों के घर घूम आइये|
फूलपुर विकाशखण्ड के मानपुर गांव में विकाश के माडल को ग्रामसचिव और ग्राम प्रधान बदलकर रख दिये हैं| सवाल ये है कि अधिकारी भी निष्पक्षता का केवल डंका ही बजाते रहेंगे या फिर निष्पक्षता का काम भी करेंगे| बतादें गांव में कुछ ऐसे लोग हैं जिनको रहने के लिये किसी प्रकार की सुविधा नहीं है, गांव में आवास के लिये पात्र लोगों का आरोप है कि आवास के लिये कई बार सेक्रेटरी और प्रधान से कहा गया लेकिन कुछ नहीं हुआ|शीला यादव ने बताया की मुझे रहने के लिये जो मकान था गिर गया किसी तरह अपने जेठ के घर पर रहकर गुजारा कर रही हूं| शीला यादव के पास 5 बेटियां हैं|गुलैचा गोस्वामी ने बताया कि मेरे पति विकलांग हैं मेरा घर सेक्रेटरी कई बार आकर देखे भी लेकिन आवास आज तक नहीं मिला|उसी गांव की आशा देवी भी पालीथीन और मंडई डालकर किसी तरह गुजारा कर रही हैं|
आशा देवी ने आवास के लिये मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी शिकायत भी की थी जिसके निस्तारण की आख्या में जाति sc की जगह st होना और सुधार के लिये बताकर पल्ला झाड़ लिया गया|बतादें मानपुर गांव में आशा देवी,शीला यादव और गुलैचा गोस्वामी जैसे और भी लोग हैं जिन्हे आवास और शौचालय से वंचित किया है| आवास के पात्र लोगों ने आरोप लगाया कि मानपुर गांव में ऐसे परिवारों को आवास दिया गया है जो आर्थिक रूप से मजबूत हैं|
अब देखना ये है कि पात्रों को कब आवास मिलता है
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