शहर कोतवाल ने प्रेस कार्यालय पर किया नग्न तांडव मचाया दहशत चौथे स्तंभ को किया जा रहा तार तार

0
0

जौनपुर। इनकाउंटर स्पेशलिस्ट पुलिस अधीक्षक अजय साहनी के कार्यकाल में शहर कोतवाल ने समाचार पत्र कार्यालय पर बर्बरता और उद्दंडता की हद को पार करते हुए मचाया दहशत और संपादक को मुठभेड़ खातिर गिरफ्तार कर लिया।
लगातार अपराध और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनमानस की आवाज बन रहे प्रीत टाइम्स समाचार पत्र के संपादक अरुण यादव के प्रेस कार्यालय पर रविवार शाम 5:30 बजे शहर कोतवाल संजीव कुमार मिश्रा की अगुवाई में सिपाह चौकी प्रभारी शैलेश कुमार पांडे, पुरानी बाजार चौकी प्रभारी संतोष कुमार पांडे, महिला थाना प्रभारी तारा यादव, भंडारी चौकी प्रभारी विवेक तिवारी तथा दर्जनों पुलिसकर्मियों ने धावा बोलते हुए बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे का वायर तोड़ दिया तत्पश्चात जब तक संपादक व उनका स्टाफ कुछ समझ पाता ताबड़तोड़ दरवाजे पर बाहर से राड ,सरिया और जूतों का प्रहार दरवाजा तोड़ने खातिर जारी हो चुका था। खतरे को भापते ही संपादक ने अपनी सुरक्षा प्रणाली के तहत कार्यवाही शुरू करते हुए मोहरा संभाला आधे घंटे के अथक प्रयास के बाद छड़ से संपादक के पैर में प्रहार कर घायल करते हुए कोतवाल दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने में कामयाब हो गये तत्पश्चात महिला स्टाफ कर्मी और संपादक के संग पुलिसिया उत्पीड़न करते हुए ऑफिस में लगा डीवीआर नोच लिया गया तथा अन्य चीजें जप्त कर ली गई और संपादक के ऑफिस तथा घर पर पुलिस का पहरा लगा कर परिजनों को बंधक बनाते हुए दहशत मचाकर लूटपाट की गयी। जिसके बाद संपादक को लेकर सीधे एसपी ऑफिस स्थित एसपी सिटी डॉ संजय कुमार के समक्ष पेश किया गया ।एसपी सिटी ने संपादक के पैर से बह रही खून किधर पर मरहम पट्टी पुलिसकर्मियों के द्वारा तुरंत करवाया । पुलिस लगातार संपादक का मोबाइल कस्टडी में लेने की जुगत जुगाड़ करती रही जिसमें नाकाम रहीं गिरफ्तारी का कारण उनके उच्च अधिकारी के नाम चलाई गई खबर को बताया गया। तथा दबाव बनाया गया कि खबर को डिलीट करके खंडन चलाया जाए नहीं तो अंजाम बुरा होगा। अधीक्षक के निर्देशन पर लगातार सीओ तथा आईटी सेल हर गतिविधि पर नजर गड़ाकर अपने मकसद को अंजाम देने की योजना बना रहा था ।मौत का खतरा भांपकर संपादक ने दूसरा रास्ता अपनाया अथक परिश्रम के बाद संपादक को लेकर उनके घर पहुंची पुलिस टीम लैपटॉप को अपने कस्टडी में लेकर वापस कोतवाली जा पहुंची वहां पर आईटी सेल कर्मी ने अपनी मनमर्जी तौर पर खबरों को डिलीट करते हुए कुछ अन्य आवश्यक सामग्रियों को भी जानबूझकर डिलीट किया और खंडन लगाया तत्पश्चात जबरन मुझसे सादे कागज पर खंडन नामा और भविष्य में ऐसी गलती न करने का लेख लिखवाया। इसी दरमियान मीडिया सेल कर्मी ने बताया कि इसने तोड़फोड़ का वीडियो भी वायरल कर दिया तथा अन्य कुछ अधिकारियों और पत्रकारों के साथ मानव अधिकार आयोग और आइजीआरएस पोर्टल के संज्ञान में यह बात फैलाई जा चुकी है। अंतोगत्वा पुलिस अधीक्षक के सम्मान में मुठभेड़ होते होते रह गयी और अंत में शहर कोतवाल की पूरी मंडली के द्वारा संपादक को भविष्य में लिखित कार्यवाही करने पर पूरे परिवार के सत्यानाश की योजना का सफल प्रवचन करने के पश्चात रात्रि 11:00 बजे लैपटॉप और एक पुराना मोबाइल देकर छोड़ा गया जबकि जब्त किया हुआ सीसीटीवी डीवीआर और उसकी पावर सप्लाई आज भी शहर कोतवाल के कब्जे में है। लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर खबरों से आहत होकर जनपद पुलिस की कार्यवाही हिटलर शाही और अपराध की पराकाष्ठा को लांघती नजर आती है जो चिंता के साथ-साथ जांच का भी विषय नजर आता है।

रिपोर्ट के मास न्यूज

In