UP:जनपद जौनपुर के शि०क्षेत्र महाराजगंज में 23-04-2020 को खण्ड शिक्षा अधिकारी के द्वारा बैठक बुलाई गई थी,जिसमें प्र०प्र० अध्यापक रामसबद के साथ हुई दयनीय और जातिसूचक घटना हुई,जिसे लेकर रामसबद ने थाना महाराजगंज में लिखित शिकायत दी,जिसको लेकर CO बदलापुर ने 25-04-2020 को शिक्षक राम सबद को अपने कार्यालय पर बुलाया,जाँच करनी की बात कह कर भेज दिया,ख़ास बात तो यह है की अभी तक FIR दर्ज नहीं हुई,क़ानून के रक्षक ही क़ानून का कर रहे है उलंघन। जब की रामसबद ने जौनपुर के आला अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई लेकिन अभी तक पुलिस प्रशासन के द्वारा को कार्यवाही नहीं की गई,ताज़ा मामला यह की रामसबद को सुलह करने की धमकियाँ मिल रही,
SC/ST संशोधन कानून, के मुताबिक अब शिकायत मिलने के बाद तुरन्त FIR दर्ज होगी और गिरफ्तारी होगी.लेकिन महाराजगंज थाना व CO बदलापुर ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उलंघन करते हुए अभी तक FIR दर्ज नहीं की। क्या इस क़ानून से पीड़ित को न्याय मिलेगा अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम


















