उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अनिश्चितता पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मंगलवार को सख्त रुख अपनाया. कोर्ट ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से पूछा कि पंचायत चुनाव समय सीमा के भीतर क्यों नहीं करवाए जा रहे हैं और क्या आयोग संविधान द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर चुनाव प्रक्रिया पूरी करा सकेगा या नहीं.
याचिका पर सुनवाई, समय सीमा को लेकर सवाल
मामला याचिकाकर्ता इम्तियाज हुसैन की याचिका पर सुनवाई के दौरान उठा. याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि संविधान का अनुच्छेद 243E पंचायतों के अधिकतम पांच साल के कार्यकाल का प्रावधान करता है. यह अवधि उनकी पहली बैठक की तारीख से शुरू होती है और इससे आगे नहीं बढ़ाई जा सकती. ऐसे में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले चुनाव कराना अनिवार्य है.
हाईकोर्ट का सख्त रुख, 26 मई से पहले चुनाव कराना जरूरी
सभी पक्षों को सुनने के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि 19 फरवरी 2026 की अधिसूचना के अनुसार क्या राज्य निर्वाचन आयोग समय पर चुनाव कराने की स्थिति में है. यह स्पष्ट करना होगा. कोर्ट ने कहा कि पंचायत चुनाव 26 मई 2026 तक या उससे पहले संपन्न कराना अनिवार्य है. इस मामले में अगली सुनवाई की तारीख 25 मार्च 2026 तय की गई है.




















