मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला एक दिवसीय कृषक जागरूकता का शुभ आरम्भ किया

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आजमगढ़/इन-सीटू एवं सबमिशन आॅन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन (आत्मा) योजनान्तर्गत कृषि भवन के प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय कृषक जागरूकता/रबी उत्पादकता गोष्ठी का शुभारम्भ मुख्य विकास अधिकारी आनन्द कुमार शुक्ला द्वारा फीता काटकर किया गया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बीजेपी जिलाध्यक्ष आजमगढ़ ध्रुव कुमार सिंह एवं लालगंज अध्यक्ष ऋषिकान्त राय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उपस्थित कृषकों को पराली जलाये जाने से वातावरण में बढ़ रहे प्रदूषण के दुष्प्रभावों के सम्बन्ध में अवगत कराते हुए बताया कि पराली जलाये जाने के कारण बढ़ रहे प्रदूषण से सम्पूर्ण मानव जाति एवं इस पृथ्वी पर रहने वाले समस्त जीव एवं वनस्पतियाँ सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है। इसलिये फसल अवशेष प्रबन्धन हेतु नव विकसित कृषि यंत्रों पर कृषि विभाग द्वारा 40 से 80 प्रतिशत तक विभिन्न प्रकार के यंत्रों पर अनुदान प्रदान किया जा रहा है। जिन कृषकों के यहाँ पराली है वे उसका गो-आश्रय स्थलों पर दान कर सकते हैं जिसका राजकीय खर्चे पर कृषक के खेत से गो-आश्रय स्थल तक लेजाने का कार्य ग्राम पंचायत समितियाँ करेंगी। कई ऐसे भी भूमिहिन कृषक हैं जो पशुपालन का कार्य करते हैं उनको भी दान कर इसका समुचित निस्तारण आप लोगों द्वारा किया जा सकता है। साथ ही फसल अवशेष को एकत्रित कर वेस्ट डी कम्पोजर के माध्यम से उत्तम प्रकार का कार्बनिक खाद तैयार कर जैविक खेती/प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित किया जा सकता है। समय रहते फसल अवशेषों का प्रबन्धन आप लोगों द्वारा यदि नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ी के साथ आप न्याय नहीं कर पायेंगे।
कृषक पी0एम0किसान योजना में मिल रही सम्मान निधि के द्वारा आवश्यक कृषि निवेश को क्रय कर समय से सुगमतापूर्वक कृषि कार्य सम्पादित कर अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं। डी0बी0टी0 योजना से कृषकों को सीधे लाभ मिल रहा है जिससे शासकीय धन का दुरूपयोग भी शत-प्रतिशत रूका है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बीजेपी जिलाध्यक्ष आजमगढ़ धु्रव कुमार सिंह द्वारा फसल अवशेष को किसी भी दशा में न जलाये जाने का कृषक भाईयों से अपील की गयी एवं बीजेपी जिलाध्यक्ष लालगंज ऋषिकान्त द्वारा सरकार द्वारा कृषकों के लिये चलायी जा रही लोक कल्याणकारी योजनओं के सन्दर्भ में विस्तारपूर्वक चर्चा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिल सके इसके लिये व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु कृषि विभाग से आग्रह किया गया।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ0 आरके सिंह द्वारा रबी फसलों में तिलहन, दलहन एवं गेहूँ की उन्नतिशील प्रजातियों का समय से बुवाई खर-पतवार नियंत्रण एवं सिंचाई प्रबन्धन पर विस्तार से चर्चा की गयी। केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ0 रणधीर नायक द्वारा फसल अवशेष के द्वारा कार्बनिक खाद बनाये जाने के उपायों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गयी।
कार्यक्रम में कृषि यंत्रीकरण योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त कृषकों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अन्त में कृषक प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें कृषक गोष्ठी में जिन विषयों पर कृषकों को जानकारी प्रदान की गयी उससे सम्बन्धित प्रश्न पूछकर सही उत्तर देने वाले कृषक सुनील कुमार विकास खण्ड-सठियाॅव, प्रेमचन्द विकास खण्ड-पल्हनी तथा श्रीमती उर्मिला विकास खण्ड- सठियाॅव सहित कुल-21 कृषकों को पुरस्कार स्वरूप सूक्ष्म पोषक तत्व के पैकेट वितरित कर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक आजमगढ़ मण्डल आजमगढ़ एसके सिंह, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) गुरू प्रसाद गुप्ता, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डाॅ0 वीके सिंह, जिला गन्ना अधिकारी अशर्फी लाल, कार्यकारी अधिकारी मत्स्य राजकुमार, जिला विकास अधिकारी रविशंकर राय, उप निदेशक उद्यान मनोहर सिंह, भूमि संरक्षण अधिकारी संगम सिंह, पशुपालन वैज्ञानिक डाॅ0रसूल मुहम्मद, वैज्ञानिक/सहायक प्राध्यापक डाॅ0 संजीव कुमार चैबे, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन योजना के सलाहकार डाॅ0 रामकेवल यादव, विषय वस्तु विशेषज्ञ लाल विनय प्रताप सिंह, डाॅ0 सीएल शर्मा, डाॅ0 हरिनाथ यादव, मुन्नालाल विश्वकर्मा, समस्त सहायक विकास अधिकारी (कृषि) आदि लगभग 200 से अधिक कृषकगण गोष्ठी में उपस्थित रहे।

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