सुल्तानपुर
सऊदी अरब में रोजी-रोटी कमाने गए सुल्तानपुर जिले के दो नागरिकों की दुखद मृत्यु के बाद उनके पार्थिव शरीर स्वदेश लाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। प्रसिद्ध समाजसेवी एवं भारतीय जनता पार्टी अल्पसंख्यक मोर्चा (सुल्तानपुर) के जिला उपाध्यक्ष अब्दुल हक के विशेष और अथक कूटनीतिक प्रयासों के चलते रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने दोनों ही मामलों में अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है। कागजी प्रक्रियाएं अंतिम चरण में हैं और जल्द ही दोनों शव उनके पैतृक गाँवों में परिजनों को सौंपे जाएंगे।
सऊदी की जेल में बंद नंदलाल पाल का हुआ था निधन
सुल्तानपुर जिले के धनपतगंज थाना (कूरेभार) क्षेत्र स्थित ग्राम सरैया भरथी निवासी नंदलाल पाल (सुपुत्र स्व. रामबदल पाल) परिवार के पालन-पोषण हेतु वर्ष 2013 और पुनः 2016 में सऊदी अरब गए थे। वहाँ कतिपय कारणों से उन्हें स्थानीय प्रशासन द्वारा हिरासत में ले लिया गया था।
गत 22 सितम्बर 2026 को जेल से आए फोन कॉल के जरिए परिजनों को नंदलाल के निधन की स्तब्ध कर देने वाली सूचना मिली। वर्ष 2016 के बाद से पति का मुंह न देख सकीं पत्नी रामकुमारी ने भारत सरकार के विदेश मंत्रालय को पत्र भेजकर अंतिम संस्कार हेतु पार्थिव शरीर स्वदेश मंगाने की भावुक गुहार लगाई थी।
26 वर्षीय अब्दुल कादिर की सड़क दुर्घटना में मौत
दूसरे दुखद मामले में, सुल्तानपुर के ग्राम हसनपुर, हुसैनगंज (बधुआ कला) निवासी नाजिम के 26 वर्षीय पुत्र अब्दुल रोजी-रोटी की तलाश में 6 जून 2023 को दिल्ली एयरपोर्ट से सऊदी अरब गया था कादिर की गत 24 सितंबर 2026 को सऊदी अरब में एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई थी। युवा बेटे की असमय मौत से पूरे गाँव व परिवार में मातम छा गया था।
समाजसेवी अब्दुल हक के प्रयासों से मिली सफलता
दोनों परिवारों की अत्यंत असहाय और दयनीय स्थिति को देखते हुए समाजसेवी व भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा के जिला उपाध्यक्ष अब्दुल हक ने त्वरित पहल की। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय एवं रियाद स्थित भारतीय दूतावास के उच्च अधिकारियों से लगातार संपर्क साधा और सभी कानूनी व प्रशासनिक दस्तावेजी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता पर पूरा करवाया।
अब्दुल हक के निरंतर फॉलो-अप और अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप भारतीय दूतावास ने दोनों मामलों में NOC जारी कर दी है।
विदेशी धरती पर अपनों को खोने वाले परिवारों का दुख असहनीय है। हमारी प्राथमिकता यही थी कि कानूनी अड़चनों को जल्द से जल्द दूर कराकर दोनों शवों को ससम्मान उनके घर पहुँचाया जाए ताकि स्वजन अपने धार्मिक रीति-रिवाजों से अंतिम संस्कार कर सकें। भारतीय दूतावास ने सहयोग करते हुए NOC जारी कर दी है, जल्द ही दोनों पार्थिव शरीर सुल्तानपुर पहुँचेंगे।

















