नायब तहसीलदार बनकर बेटी घर लौटी गांव वालों ने किया भव्य स्वागत

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(आजमगढ़ )अहरौला क्षेत्र के खजुरी धनेश पट्टी गांव में रविवार को अपनी मेहनत और काबिलियत के बल पर गांव की बेटी आंचल श्रीवास्तव जब घर लौटी तो गांव के लोगों ने गाजे बाजे फूलमाला और आरती की थाल साथ परिवार जनों के साथ गांव के लोगों ने दर्जनों की संख्या में एकत्रित होकर नायब तहसीलदार के पद पर तैनात होने पर बेटी का भव्य स्वागत किया। आंचल श्रीवास्तव वर्तमान में आजमगढ़ के सदर तहसील में 2024 से लेखपाल के पद पर तैनात थी और तैनाती पीरियड में भी और क्षेत्र के कार्यों के दबाव के बाद भी आंचल श्रीवास्तव अपने आगे निकलने के लिए आईएएस बनने के सपने को नहीं छोड़ा और घर पर ही रहकर जब भी समय मिलता था ड्यूटी के बाद वह अपना पुरा समय पढ़ाई में ही लगाती थी जिसके बल पर उन्होंने लोकसेवा आयोग की 2024 की परीक्षा में परीक्षा दिया और 24 मार्च 2026 को जब रिजल्ट आया तो 46 वां रैंक उन्होंने पाकर अपने गांव का नाम रोशन किया और उनका नायक तहसीलदार के पद पर चयन हुआ सबसे बड़ी बात रही की घर बार छोड़ कर स्टूडेंट इलाहाबाद कानपुर लखनऊ दिल्ली राजस्थान तक जाते हैं अपनी तैयारी करने के लिए अपने सपने को सजाने के लिए लेकिन आंचल श्रीवास्तव ने किसी भी तरीके की कोचिंग नहीं ली और घर पर ही रहकर उन्होंने परीक्षा की तैयारी की और उन्होंने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म अपनाया जिसके बल पर आज वह नायब तहसीलदार बन गई उन्होंने कहा कि इसका पूरा श्रेय मेरे माता वंदना श्रीवास्तव और पिता सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और बड़े पापा उमेश चंद्र श्रीवास्तव नरेश श्रीवास्तव सतीश चंद्र श्रीवास्तव और बड़ी मां रानी और रीता श्रीवास्तव और भाई प्रियांशु श्रीवास्तव का रहा जिन्होंने मेरा पूरा सपोर्ट किया और हर कदम पर मेरा साथ दिया जिसके बल पर आज यह सफलता मिली और शुरू से लेकर अंत तक उनकी जो भी शिक्षा रही वह जिले में ही रही और डीएबी पीजी कॉलेज से उन्होंने पढ़ाई की।

*अहरौला संवाददाता संतोष मिश्रा की रिपोर्ट*

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